पंजाब में राज्यपाल और सरकार में फिर ठन गई है। अब विवाद पंजाब के सीमावर्ती जिलों में राज्यपाल के दौरे को लेकर है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगते जिलों के दौरे के दौरान राज्यपाल ने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों और लोगों से मुलाकात करने के साथ पंजाब में बढ़ते नशे पर चिंता व्यक्त कर कई सवाल उठाए थे।
राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित एक और 2 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगते जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, फाजिल्का और फिरोजपुर के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने सरपंचों, आम लोगों, सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठकें कर उनकी समस्याएं सुनीं।
राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित की ओर से नशे और अन्य मुद्दों पर सवाल उठाने के एक दिन बाद वीरवार को आवास एवं शहरी विकास मंत्री अमन अरोड़ा ने पलटवार कर आरोप लगाया कि राज्यपाल सियासी भाषण दे रहे हैं और समानांतर सरकार चला रहे हैं। मीडिया से बातचीत में कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्यपाल अपने पद की गरिमा नहीं रख रहे। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि किसी राज्य के राज्यपाल राजनीतिक भाषण देते फिरे.. सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए आप पंजाब को नुकसान पहुंचा रहे हैं। अगर कोई समस्या है तो वह इसे मुख्यमंत्री के ध्यान में ला सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं होता कि चुनिंदा लोग चुनी हुई सरकार पर राज करें।
राजनीति नहीं, कर्तव्य निभा रहा हूं: राज्यपाल
फिरोजपुर/फाजिल्का। राज्यपाल ने कहा कि पंजाब में राजनीति नहीं कर रहे सिर्फ कर्तव्य निभा रहे हैं। पंजाब के राज्यपाल का पद संभालते समय भारत के संविधान की शपथ ली है। जो नेता मुझ पर राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं, वे मेरी राजनीति का एक उदाहरण भी बता दें। राज्यपाल फिरोजपुर में वीरवार को सरपंचों व अन्य लोगों को नशे के खिलाफ छेड़ी जंग संबंधी बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सीमा पर छह माह में एंटी ड्रोन यंत्र तैयार हो जाएगा। राज्यपाल ने कहा कि फिरोजपुर में उनका तीसरा दौरा है, नशे के लिए सीमांत गांव के ग्रामीणों और सरपंचों को एकजुट किया है। इसीलिए सरहद पार से आ रही हेरोइन-असलहा पकड़ने में काफी सफलता मिल रही है। स्टेट और सेंटर की सुरक्षा एजेंसियां मिलकर इस पर कार्य कर रही हैं।