बस स्टैंड पर सहकारी समिति की बस में धमाके के आरोपी अब्दुल करीम टुंडा की कोर्ट में पेशी के दौरान बहस नहीं हो पाई। पांच मिनट की पेशी के बाद ही आतंकी टुंडा को पुलिस कड़ी सुरक्षा में वापस ले गई।
अदालत ने केस में अगली पेशी सात नवंबर तय की है। करीब 20 साल पहले बस स्टैंड पर एक निजी बस में बम धमाका करने के मुख्य आरोपी आतंकी अब्दुल करीम टुंडा को मंगलवार दोपहर करीब एक बजे कड़ी सुरक्षा में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश वेद प्रकाश सिरोही की अदालत में पेश किया गया।
पेशी के दौरान बचाव पक्ष का वकील न होने के कारण बहस नहीं हो पाई। कोर्ट ने पांच मिनट बाद ही केस में अगली तारीख सात नवंबर दे दी। अब सात नवंबर को दोनों पक्षों के वकीलों की बहस होगी।
दिल्ली पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच करीब सवा बजे टुंडा को वापस दिल्ली तिहाड़ जेल ले गई। बता दें कि एक जनवरी 1997 को बस स्टैंड पर खड़ी एक निजी बस में धमाका हुआ था।
इसमें माडू नाम के एक बच्चे की मौत हो गई थी, जबकि 20 घायल हो गए थे। मामले की जांच के दौरान एनआईए ने 17 साल बाद आतंकी अब्दुल करीम टुंडा को गिरफ्तार किया था। वह तीन साल से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। उसके के खिलाफ दिल्ली और पानीपत की कोर्ट में केस चल रहे हैं।