पंजाब की कांग्रेस सरकार के सामने पहली बड़ी चुनौती गेहूं की खरीद की है। आधिकारिक तौर पर खरीद एक अप्रैल से शुरू होनी है, लेकिन अब तक तैयारियां पूरी नहीं हुई हैं। पिछले साल दोनों खरीद सीजन में किसानों को काफी परेशानी हुई। कांग्रेस के चुनावी वादों में पुख्ता खरीद प्रबंध भी शामिल थे।
गेहूं की कैश क्रेडिट लिमिट जारी कराने को कैप्टन अमरिंदर ने दिल्ली जाकर केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की थी। जेटली ने भरोसा दिया था कि 25 मार्च तक सीसीएल जारी हो जाएगी, वह इस संबंध में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को निर्देश देंगे, लेकिन अब तक सीसीएल जारी नहीं हुई है।
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खुद धान खरीद सीजन के दौरान मंडियों में जाकर किसानों से वादा किया था कि कांग्रेस की सरकार बनने पर खरीद में कोई दिक्कत नहीं आएगी। सत्ता संभालने के बाद उन्होंने सभी डिप्टी कमिश्नरों को खुद खरीद प्रक्रिया की निगरानी करने की हिदायत दी थी। आगाह किया था कि किसानों को मंडियों में कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए।
सीएम ने पिछली सरकार की ओर से किए गए ट्रांसपोर्ट और लेबर के टेंडर रद कर नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे। साथ ही टेंडरिंग कमेटियों का चेयरमैन फूड सप्लाई विभाग के डिप्टी डायरेक्टरों की जगह डीसी को बनाया था। वह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।
कई जिलों में टेंडर फाइनल करने को कमेटियों की बैठक अभी होनी बाकी है। खरीद सीजन में पंजाब सरकार, पश्चिम बंगाल से बारदाना मंगवाती है। फूड सप्लाई विभाग के मुताबिक अब तक सिर्फ साठ प्रतिशत ही बारदाना आया है। सरकार बनने के बाद गेहूं खरीद सीजन पहला मौका होगा, जिसमें कांग्रेस के इरादे लोगों को पता चलेंगे। इसलिए सरकार किसी भी हालत में यह नहीं चाहेगी कि किसी भी वजह से लोगों के बीच कोई गलत मैसेज जाए।
कैप्टन के पिछले कार्यकाल का किया था प्रचार
कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के 2002-07 के कार्यकाल को लेकर काफी प्रचार किया था। पार्टी हमेशा से दावा करती आई है कि उस दौरान किसानों को कभी भी परेशान नहीं होना पड़ा। उनकी फसल बिकी और समय से अदायगी हुई। आज के युवाओं को उस दौर की उपलब्धियां बताने के लिए खास सोशल मीडिया कैंपेन चलाई गई थी।
खरीद शुरू होने से पहले पूरे होंगे इंतजाम
मंडी बोर्ड के सीनियर वाइस चेयरमैन रविंदर चीमा का कहना है कि गेहूं की कैश क्रेडिट लिमिट अभी जारी नहीं हुई है। इसके जल्द आने की संभावना है। खरीद शुरू होने से पहले ट्रांसपोर्ट व लेबर के टेंडर भी हो जाएंगे।