आजादी के 72 साल बाद यह पहला मौका था जब पाकिस्तान की धरती पर शहीद ऊधम सिंह की कुर्बानी को सलाम करते हुए उन्हें याद किया गया। शहीद भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन पाकिस्तान की ओर से बुधवार को लाहौर हाईकोर्ट बार के डेमोक्रेटिक लॉन में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। मोमबत्तियां जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ दोनों मुल्कों के बीच अमन और दोस्ती के लिए दुआ की गई।
फाउंडेशन के संस्थापक एडवोकेट अब्दुल राशिद कुरैशी ने लाहौर से फोन पर अमर उजाला को बताया कि इस सभा में बड़ी संख्या में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट व लाहौर हाईकोर्ट के वकीलों ने शहीद ऊधम सिंह के चित्र पर फूल चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान दो मिनट का मौन रख उनकी शहादत को याद किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता फाउंडेशन के सरपरस्त सुप्रीम कोर्ट के वकील अब्दुल रशीद कुरैशी ने की। उन्होंने कहा कि महान क्रांतिकारी शहीद ऊधम सिंह ने जलियांवाला बाग नरसंहार का बदला लेने के लिए माइकल ओ डायर को इंग्लैंड में जाकर गोली मारी थी। शहीद ऊधम सिंह ने कुर्बानी देकर देश की आजादी में अहम रोल अदा किया।