विश्वभर में चल रहे ऑक्सफोर्ड के कोविड शील्ड वैक्सीन के ट्रायल में कुछ गड़बड़ियों के सामने आने के बाद रोक लग गई थी। अब इसकी सारी रुकावटें दूर हो गई हैं। वहीं, अब सारी प्रक्रिया सामान्य होने के बाद कुछ दिनों पहले पीजीआई में ट्रायल को लेकर काम शुरू किया गया। बता दें कि कोविड शील्ड वैक्सीन के ट्रायल के लिए देशभर में पीजीआई चंडीगढ़ समेत 17 संस्थानों को चुना गया है।
वालंटियर खुद नोट करेंगे महत्वपूर्ण बिंदु
वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल में शामिल वालंटियर को एक डायरी दी जाएगी, जिसमें वह महत्वपूर्ण बिंदुओं को नोट करेंगे। इन बिंदुओं को पीजीआई अपने ट्रायल की रिपोर्ट में शामिल करेगा। इस दौरान यह देखा जाएगा कि वैक्सीन देने के बाद वालंटियरों में एंटीबॉडी बन रही है या नहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें पॉजिटिव मरीजों को इसलिए शामिल नहीं किया जा रहा है क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि ठीक हो चुके कोरोना मरीजों में खुद ही एंटीबॉडी बन चुकी होंगी।
ट्रायल में इनकी भूमिका होगी अहम
वैक्सीन के ट्रायल में कम्युनिटी मेडिसिन के साथ वायरोलॉजी, फार्मोकोलॉजी, इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इन विशेषज्ञों के सहयोग से ही पीजीआई में ट्रायल की प्रक्रिया पूरी होगी।
कोरोना के इलाज में कोविड शील्ड वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। शुक्रवार से ह्यूमन ट्रायल शुरू होने जा रहा है। इसके लिए 18 वालंटियर विभिन्न मानकों पर चयनित किए जा चुके हैं। -प्रो. जगतराम, डायरेक्टर पीजीआई