किसानों के पंजाब बंद के एलान को देखते हुए पंजाब और हरियाणा सरकारों ने जिला उपायुक्तों, पुलिस कमिश्नरों और जिला पुलिस प्रमुखों से कहा है कि वे रेलवे पुलिस के अधिकारियों और सूबे की इंटेलिजेंस एजेंसियों के साथ साझा बैठक कर कानून व्यवस्था बनाए रखना सुनिश्चित करें।
एंबुलेंस सेवा, डॉक्टरों को तैयार रहने के निर्देश
दोनों राज्य सरकारों ने एंबुलेंस सेवा, सिविल सर्जनों, डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को भी तैयार रखने को कहा गया है ताकि प्रदर्शनों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना में घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा सके।
रेलवे ट्रैक, स्टेशनों व राजमार्ग की वीडियोग्राफी होगी
गृह विभाग ने यह भी फैसला लिया है कि किसान आंदोलन के दौरान रिकॉर्ड के तौर पर राज्य की रेल लाइनों, रेलवे स्टेशनों और राजमार्ग पर प्रदर्शनों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई जाएगी। गृह विभाग ने इसके साथ ही पंजाब बंद की अवधि के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध लगा दिया है। रेल प्रशासन ने फिरोजपुर छावनी व शहर रेलवे स्टेशन के अलावा रेल ट्रैक की सुरक्षा में पंजाब पुलिस व आरपीएफ के लगभग 400 जवान तैनात किए हैं।
उधर, हरियाणा में किसानों और आढ़तियों ने बाजार और मंडियां बंद रखने और राजमार्ग जाम करने की चेतावनी दी है। किसान यूनियनों को विपक्षी दलों के साथ ही आढ़ती एसोसिएशन और सर्व कर्मचारी संघ से जुड़ी यूनियनों ने समर्थन की घोषणा की है। भाकियू प्रधान गुरनाम सिंह चढ़ूनी सुबह 11 बजे अंबाला कैंट, अंबाला शहर, शाहाबाद और यमुनानगर में आंदोलनों का समर्थन करेंगे।
पंजाब बंद : पीयू में आज होने वाली परीक्षा मुल्तवी
पंजाबी यूनिवर्सिटी ने शुक्रवार को होने वाली परीक्षा टाल दी है। अब यह परीक्षा 14 अक्तूबर को पहले तय समय अनुसार होगी। यूनिवर्सिटी के कंट्रोलर परीक्षा डॉ. जेआईएस खटड़ ने बताया कि बहुत सारे कालेजों के प्रिंसिपलों, प्राइवेट कालेजों की एसोसिएशन के नुमाइंदों और छात्रों ने ध्यान में लाया कि शुक्रवार को पंजाब बंद के मद्देनजर कॉलेज के स्टाफ को पेपर कराने और विद्यार्थियों को परीक्षा देने में मुश्किलें आ सकती हैं।
इसे ध्यान में रखते हुए यूनिवर्सिटी ने शुक्रवार को होने वाली परीक्षा टाल दी हैं। यूपीएससी नई दिल्ली द्वारा चार अक्तूबर को एक मुकाबला परीक्षा कराई जा रही है। इसके मद्देनजर चार अक्तूबर को होने वाली परीक्षा भी टाल दी गई है। अब यह परीक्षा 13 अक्तूबर को होगी। उन्होंने बताया कि संशोधित डेटशीट यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर जल्द ही अपलोड कर दी जाएगी।
परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि यह भी ध्यान में आया है कि यूनिवर्सिटी की ओर से कराई जा रही परीक्षाओं के दौरान एनटीए द्वारा यूजीसी नेट परीक्षा कराई जा रही है। विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए पहले जारी हुई डेट शीट्स के कुछ पेपरों के समय में तबदीली की जा सकती है, जिस बारे आने वाले समय में नोटीफाई कर दिया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि परीक्षा संबंधी समय-समय पर जारी हिदायतों व डेट शीट के बारे में यूनिवर्सिटी वेबसाइट पर चेक करते रहें।
कृषि विधेयकों के विरोध में सड़कों पर उतर रहे किसान संगठनों को 14 पूर्व आईएएस अधिकारियों का भी समर्थन मिला है। पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा कि जब देश कोविड जैसी भयानक बीमारी से जूझ रहा है तो ऐसे समय में केंद्र सरकार द्वारा कृषि विधेयक लाने की कोई बड़ी जरूरत नहीं थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने यह समय इसलिए चुना ताकि विपक्ष कोरोना के खतरे के कारण खुलकर विरोध में न उतर सकें। डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि उनके साथ अन्य पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. हरकेश सिंह सिद्धू, मनजीत सिंह नारंग, कुलबीर सिंह सिद्धू, गुरनिहाल सिंह पीरजादा, सुरिंदरजीत सिंह सिद्धू, सुखजीत सिंह बैंस, पीरथी चंद, कैप्टन नरिंदर सिंह, तेजिंदर सिंह धालीवाल, डॉ. करमजीत सिंह सरां, रमिंदर सिंह, उजागर सिंह और प्रभजीत सिंह मंड ने भी किसानों के आंदोलन का समर्थन करने का फैसला किया है।