चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एमसीएच-32) में पंजाब के आयुष्मान भारत कार्ड धारकों का इलाज बंद कर दिया गया है। अस्पताल में दो साल बाद एक बार फिर पंजाब के आयुष्मान भारत योजना के मरीजों का इलाज बंद किया गया है। इस बार भी वजह पंजाब सरकार की ओर से बकाया राशि के पांच करोड़ का भुगतान न किया जाना है। सोमवार को अस्पताल में योजना के लाभार्थियों को इलाज के बिना ही लौटा दिया गया। आयुष्मान कार्ड लिए लाभार्थी काउंटर पर घंटों मिन्नते करते रहे लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई।
जीएमसीएच के अधिकारी इलाज बंद करने का फैसला करने से पहले पिछले दो महीनों से बकाया राशि का भुगतान होने का इंतजार कर रहे थे। जीएमसीएच-32 के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. सुधीर गर्ग ने बताया कि पंजाब सरकार ने कुछ तकनीकी गड़बड़ी के लिए हमें दो दिन का समय देने के लिए कहा था लेकिन तब से लगभग दो महीने हो गए हैं और राज्य के अधिकारी भुगतान रोके हुए हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब पहले भी डिफॉल्टर रहा है। मरीजों का इलाज करने के बाद भुगतान न होने पर काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी। इस बार भी पंजाब सरकार की ओर से बकाया राशि का भुगतान न करने से मरीजों का इलाज बाधित हो रहा है।
बता दें कि पंजाब के निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम एसोसिएशन ने राज्य सरकार की ओर से बकाया भुगतान न करने पर पिछले महीने इन मरीजों को कैशलेस इलाज देने से इन्कार कर दिया था। अब जीएमसीएच 32 में इलाज बंद होने से परेशानी और बढ़ गई है।
ये है योजना
20 अगस्त, 2019 को शुरू आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना पंजाब राज्य के लाभार्थियों के लिए एक प्रमुख राज्य स्वास्थ्य बीमा योजना है। इस योजना का उद्देश्य राज्य की 65 फीसदी आबादी को पात्रता-आधारित कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान कर वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। इस योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस और पेपरलेस इलाज उपलब्ध है।
पहले भी इलाज हो चुका है बंद
इससे पहले भी बकाया भुगतान में देरी को लेकर जीएमसीएच 32 ने मई 2022 में पंजाब के लाभार्थियों के इलाज पर रोक लगा दी थी। इसके बाद 15 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग ने भी पंजाब के मरीजों का इलाज करने से हाथ खड़ा कर दिया। वहीं 17 जुलाई से पीजीआई में भी पंजाब के एक भी मरीज को भर्ती करने पर रोक लगा दी गई थी। उस स्थिति में मरीजों को राहत देने के लिए पंजाब सरकार ने किस्तों में भुगतान शुरू किया था। इसके बाद पंजाब के लाभार्थियों के इलाज की सुविधा बहाल की गई थी लेकिन अब एक बार फिर वही स्थिति बनने लगी है। गौरतलब है कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत लाभार्थी को 5 लाख रुपये तक का इलाज निशुल्क किया जाता है। उसका सारा खर्च सरकार वहन करती है। ऐसे में खर्च का भुगतान न होने से मरीजों के इलाज में उपयोग किए जाने वाले चिकित्सकीय सामग्री की खरीद संभव नहीं हो पा रही है इसलिए उन मरीजों का इलाज करने से इन्कार किया गया है।