संतान पैदा होने पर बधाई देने वाले एक किन्नर ने ही एक मां की कोख को उजड़ने से बचा लिया। हालांकि पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन यह सब संभव हुआ एक किन्नर सुदेश की बदौलत।
उसका अपना ही एक रिश्तेदार बच्चे का अपहरण कर लेकर आया तो उसने उसे न केवल पुलिस को जानकारी दी बल्कि उसने बच्चे की मां से भी उसकी बात करवाई। रोहतक पुलिस की टीम बेरी से देर रात बच्चे और आरोपी दोनों को लेकर रोहतक पहुंच गई। पुलिस ने बच्चे का सिविल अस्पताल में मेडिकल कराया और परिजनों के हवाले कर दिया। आरोपी की पहचान सूरज निवासी कच्ची गढ़ी मोहल्ला रोहतक के रूप में हुई है।
बेरी निवासी किन्नर सुदेश ने बताया कि वह इलाके के 26 गांवों में बधाई मांगती है। उसे बृहस्पतिवार को उसके भांजे एमपी माजरा निवासी अनूप का फोन आया। अनूप ने सुदेश को फोन पर मेरा भाई सूरज अपने किसी दोस्त के साथ एक बच्चे को लेकर तेरे पुराने घर एमपी माजरा में पहुंचा है।
सूरज ने अनूप से काफी बड़ा सा पॉलीथिन मांगा था और साथ ही खाना भी तैयार करने को कहा था। इस पर उसे शक हो गया। शक होने पर अनूप ने अपनी पत्नी को वहां भेजा तो उसने बताया कि सूरज और उसके साथी के पास एक बच्चा है। सूरज दीवार कूद कर घर में घुसा है। सुदेश ने अनूप को कहा कि पता करे कि बच्चा किसी रिश्तेदार का तो नहीं है। जांच में पता चला कि बच्चा किसी और का है।
शक होने पर पुलिस को भी सूचना दे दी और साथ ही अनूप और सुदेश दोनों मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर डीएसपी बेरी जगत सिंह और थाना बेरी पुलिस पहुंची और किसी तरह बच्चे को उसके चंगुल से मुक्त करवाया। इस दौरान एक आरोपी फरार हो गया और सूरज पकड़ लिया गया। पुलिस दोनों को लेकर बेरी थाना पहुंची और रोहतक पुलिस को सूचना दी।
अपनों ने ही रची अपहरण की साजिश
शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी सूरज के साथ इस अपहरण में उसका एक और दोस्त भी शामिल था। लेकिन, पुलिस सूत्रों का कहना है कि अपहरण में मोनू का एक रिश्तेदार भी कहीं न कहीं शामिल रहा है। हालांकि पुलिस ने मोनू के सगे मामा के बेटे और ऑटो चालक सन्नी को हिरासत में ले रखा है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि उसका हाथ बच्चे के अपहरण में होने की बात से इनकार नहीं किया जा सकता है। डीएसपी मुख्यालय विजयपाल का कहना है कि आरोपी सूरज से पूछताछ चल रही है। उसे शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
यूं बोले एसपी
एसपी शशांक आनंद का कहना है कि सूचना मिलते ही एसपी झज्जर के साथ बात कर टीम को अलर्ट कर दिया। डीएसपी हेडक्वार्टर विजय पाल और सीआईए-1 प्रभारी मनोज वर्मा बेरी के लिए रवाना हो गए। बच्चे के मुंह से ही सारी जानकारी हासिल की जाएगी कि वे उसे कैसे और कहां से ले गए। इससे पहले बच्चे की मनोवैज्ञानिक से काउंसिलिंग करवाई जाएगी ताकि बच्चे के मन से डर निकल सके।
रोहतक पुलिस एक बार फिर बनी हीरो
इससे पहले, सेक्टर-4 से किडनेप हुए प्रथम को रोहतक पुलिस ने ढाई घंटे में ही बरामद कर लिया था। वहीं, केशव को भी 12 घंटे बाद सकुशल बरामद कर लिया गया।