तीन-तीन छोटी-बड़ी नकली शराब फैक्ट्रियों का पर्दाफाश करने वाले एक्साइज विभाग के अफसरों को इनाम मिलने के बजाय पिछले दिनों इनके तबादले कर दिए गए। इतना ही नही अफसरों की ड्यूटी के प्रति वफादारी के चलते ही सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये की चपत लगाने वाले शराब माफिया की इन अफसरों कमर तोड़ी। हालांकि विभाग इसे रूटीन तबादला बता रहा है लेकिन सरकारी नीति पर सवाल उठ रहे हैं।
एक्साइज विभाग ने नौ माह के अंतराल में तीन-तीन छोटी बड़ी नकली शराब फैक्ट्रियों के पर्दाफाश के बाद यह तबादले लोगों को हजम नहीं हो रहे हैं। बता दें कि 11 अगस्त 2019 को राजपुरा सर्कल-1 के इंस्पेक्टर जगदेव सिंह, राजपुरा सर्कल-2 के इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह ढिल्लों ने सैदखेड़ी रोड पर दबिश देकर नकली शराब के गैरकानूनी धंधे का पर्दाफाश कर 325 शराब की पेटियों समेत अन्य सामान बरामद कर आरोपी गिरफ्तार किए गए थे।
दूसरे मामले में एक्साइज विभाग ने 23 अप्रैल को गांव तेपला में नकली शराब बनाने वाली मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर 17 ड्रम इएनए सहित गैरकानूनी सामान बरामद किया। बरामद सामान से हजारों पेटियां शराब बनाई जा सकती थी। इस तरह 13 मई 2020 को गांव खानपुर गंडिया के पास बंद कोल्ड स्टोर में मशीनों सहित नकली शराब फैक्ट्री व सामान बरामद किया।
पुलिस ने 6 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर चार आरोपियों को विभिन्न स्थानों पर काबू करने का दावा किया। बताया जाता है कि ऐसा तभी संभव हो पाया जब एक्साइज विभाग के अफसरों ने ड्यूटी प्रति वफादारी दिखाई। इसके बाद आबकारी सर्कल 1 राजपुरा इंस्पेक्टर जगदेव सिंह, आबकारी सर्कल-2 राजपुरा के इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह ढिल्लों का होशियारपुर ट्रांसफर कर दिया गया। इस संबंधी फोन से संपर्क करने पर एक्साइज एईटीसी बलविंद्र सिंह ने बताया कि दोनों अफसरों के तबादले रूटीन प्रक्रिया का हिस्सा है। वहीं एक्साइज कमिश्नर पंजाब रजत अग्रवाल से फोन पर बात करने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं हो सकी।