तीन महीने के बाद गन लाइसेंस के लिए ट्रेनिंग की दोबारा शुरुआत कर दी गई है। इससे हर माह सैकड़ों की संख्या में लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों को ट्रेनिंग नहीं मिलने की वजह से पेश आ रही मुश्किलें दूर हो जाएंगी। ऐहतियात के तौर पर जाट आरक्षण आंदोलन के बाद ट्रेनिंग बंद कर दी गई थी, जिसकी एक जुलाई से फिर शुरुआत कर दी गई है।
होम गार्ड के कमांडेंट जनरल के.सेल्वराज ने बताया कि एक जुलाई से दोबारा आर्म्स लाइसेंस के लिए सिविलियन राइफल ट्रेनिंग स्कीम(सीआरटीएस) के तहत 0.22 बोर के राइफल के लिए लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों को पांच दिनों की ट्रेनिंग दी जाती है। इसके तहत उन्हें ट्रेनिंग देने के बाद सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। इसी आधार पर उन्हें लाइसेंस जारी किया जाता है।
अप्रैल में इसके लिए दी जाने वाली ट्रेनिंग बंद की गई थी, लेकिन एक जुलाई से इसे दोबारा शुरू कर दिया गया है। कमांडेंट जनरल ने कहा कि आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, ताकि पारदर्शी के साथ साथ लोगों को और बेहतर सुविधाएं दी जा सके।
एक वर्ष में 22 हजार से अधिक लोगों को दी गई ट्रेनिंग
विभागीय जानकारी के मुताबिक अप्रैल 2015 से मार्च 2016 तक 22 हजार से अधिक लोगों को सीआरटीएस के तहत ट्रेनिंग दी गई। हालांकि जाट आरक्षण आंदोलन के बाद ट्रेनिंग बंद कर दी गई थी।