कालका-पिंजौर के बीच पुराने हाईवे पर स्थित रेलवे फाटक पर बुधवार को एक व्यक्ति की सतर्कता से बड़ा हादसा बचा। रेलवे फाटक खुला था और गेटमैन लापता। गनीमत रही कि ट्रेन की आवाज सुनकर एक व्यक्ति घर जाना छोड़कर ट्रैफिक को रोकने में जुट गया, जिससे सभी लोग सुरक्षित रह गए।
लापरवाही की इतनी बड़ी घटना हो गई, लेकिन आरपीएफ और जीआरपी को इसकी सूचना तक नहीं। रेलवे से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, ट्रेन के ड्राइवर और गार्ड ने भी स्टेशन पर शिकायत नहीं दी, जबकि नियमत: ऐसी सूचना देनी जरूरी है।
कालका से दिल्ली के लिए शाम करीब 4:50 बजे हिमालयन क्वीन रवाना हुई। कालका-पिंजौर के बीच पुराने हाईवे स्थित रेलवे फाटक से ट्रेन गुजरने वाली थी, लेकिन गेटमैन का कोई अता-पता नहीं था। धर्मपुर निवासी नीरज अपने स्कूटर से जा रहा था। तभी ट्रेन की आवाज सुनकर नीरज दोनों साइड के ट्रैफिक को रोकने में जुट गया।
नीरज ने बताया कि वह अपने घर जाने के लिए फाटक से गुजर रहा था, लेकिन ट्रेन आती देखकर वह तुरंत ट्रैफिक रोकने के काम में जुट गया। उसने ट्रेन के ड्राइवर को भी इशारा किया और जब तक ट्रेन फाटक पर पहुंची, तब तक ट्रैक से वाहन हट चुके थे। ड्राइवर ने भी धीरे-धीरे ट्रेन पास कराई।
उधर, आरपीएफ के अधिकारियों ने कहा कि गेटमैन द्वारा लापरवाही बरतने की कोई सूचना नहीं मिली है। वहीं, जीआरपी के एसएचओ बलकार सिंह ने कहा कि उन्हें भी ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है।