पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने आदेश कुछ जारी किए थे और ट्रैफिक पुलिस कर कुछ और रही है। इसके चलते ऑटो ड्राइवरों को काफी परेशानी हो रही। चंडीगढ़ में बिना मीटर के दौड़ रहे ऑटो का चालान काटने में चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस लगातार जुटी हुई है। हैरानी की बात है कि बाजार में ऑटो में लगने वाला मीटर ही नहीं है। इससे ऑटो मालिकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पिछले एक महीने में चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने एक हजार से ज्यादा चालान काट दिए। इसके बावजूद शहर में आधे से ज्यादा ऑटो बिना मीटर के दौड़ रहे हैं। वहीं, ऑटो चालकों का आरोप है कि चंडीगढ़ पुलिस ने बिना जागरूक अभियान चलाएं मीटर के चालान काटना शुरू कर दिया है। बीते महीने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने शहर के सड़कों पर बिना मीटर के दौड़ रहे ऑटो को शहर के बाहर या फिर उनके चालान काटने के आदेश दिए थे, जिसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।
चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस शहर के अलग-अलग सेक्टरों में पिछले एक महीने में एक हजार से भी ज्यादा चालान काट चुकी है। इसके अलावा कई ऑटो को पुलिस इंपाउंड भी किया गया है। पुलिस आला अधिकारियों का कहना है कि ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने पर इनके चालान और वाहनों को इंपाउंड किया गया है। चंडीगढ़ में करीब 6 हजार ऑटो और पंचकूला व मोहाली में करीब 10-10 हजार ऑटो रजिस्टर्ड हैं। मीटर का चालान कटने से ऑटो चालकों में रोष दिख रहा है।
हिंद ऑटो रिक्शा यूनियन के प्रधान अनिल कुमार का आरोप है कि हाईकोर्ट से आर्डर होने के बाद ऑटो चालकों को मीटर लगाने के लिए जागरूक नहीं किया गया है।
पहले 14 और फिर 7 रुपये प्रति किमी किराया
ऑटो में मीटर लगने से सवारियों को जेब ढीली होनी तय है। अगर मीटर चालू करवाकर कोई ऑटो में सफर कर रहा है तो बैठते ही 14 रुपये का चार्ज लग लगेगा। इसके बाद प्रति किलोमीटर के हिसाब से 7 रुपये अदा करने होंगे। पीजीआई से हाउसिंग बोर्ड चौक तक का किराया 20 रुपये लगता है, लेकिन मीटर के हिसाब से आपको 70 रुपये अदा करना पड़ सकता है।
नहीं मिल रहे हैं बाजार में मीटर
एक ओर चंडीगढ़ पुलिस ऑटो में मीटर नहीं लगने की वजह से उनके चालान काटने में जुटी हुई है। दूसरी ओर बाजार में मीटर ही नहीं आ रहा है। ऑटो चालक मीटर के लिए मार्केट के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कई हफ्ते बीतने के बावजूद उन्हें नए मीटर नहीं मिल रहे हैं, जिससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जगह बिना मीटर किराया मीटर से किराया
पीजीआई से रेलवे स्टेशन 20 74
पीजीआई से हाउसिंग बोर्ड 20 70
सेक्टर-17 से पीजीआई 20 36
सेक्टर-43 से पीजीआई 30 64
रेलवे स्टेशन से जीएमसीएच-32 20 49
मटका चौक से एलांते मॉल 30 50
रोजाना 2500 से ज्यादा पंजाब से आते हैं ऑटो
एसटीए के अधिकारियों ने बताया कि पंजाब नंबर के करीब 500 ऑटो को चंडीगढ़ में प्रवेश की अनुमति है, लेकिन रोजाना 2500 से ज्यादा ऑटो चंडीगढ़ में प्रवेश करते हैं। वहीं, हरियाणा के ऑटो को चंडीगढ़ में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद वहां के ऑटो रोजाना यहां आ रहे हैं।
मीटर नहीं मिलने से दिक्कत
ऑटो में मीटर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके चलते पिछले मीटर के कई सारे आर्डर आ रहे हैं। लेकिन मीटर समय से नहीं मिल रहा है, जिससे ऑटो मालिक को ट्रैफिक पुलिस से चालान कटने का डर सताता है। ऐसे में पुलिस को चाहिए कि पहले चालक को इसके बारे में जागरूक करे और फिर उनके चालान काटे ताकि उन्हें जब तक मीटर मिल सके।
- राहुल सोनी, निशु मोटर्स सेक्टर-48
चक्कर काट के थक गया
मीटर का आर्डर दिए करीब दो हफ्ते का समय बीत गया है। लेकिन अब तक उन्हें मीटर नहीं मिला है। यही वजह है कि सड़कों पर ऑटो चलाने में पुलिस का डर सताता है।
- बाबर, ऑटो चालक
सवारी इतने पैसे नहीं देगी
बाजार में मीटर की कीमत 2 हजार से ज्यादा है। इतने रुपये लगाने के बावजूद कई ऑटो में मीटर बंद पड़े हैं। क्योंकि सवारियों को मीटर से जाना काफी मंहगा पड़ जाता है।
- मोहम्मद जैनुल, ऑटो चालक
जागरूकता की जरूरत
ट्रैफिक पुलिस को चाहिए कि वो पहले शहर के ऑटो को जागरूक करे ताकि मीटर चलाने के रूल का पता चल सके। बिना जागरूक किए ही पुलिस चालान काटने में जुटी हुई है।
- मिराज, ऑटो चालक
रेट ज्यादा होने पर नहीं बैठेगी सवारी
मीटर लगने से सवारियों को रुपये ज्यादा अदा करने होंगे। ऐसे में कोई सवारी नहीं चाहेगी कि वह मीटर चालू करवाकर सफर करे। मीटर में हजारों रुपये फंसाने की बात होगी।
- शमशेर, ऑटो चालक
चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस लगातार ऑटो का चालान काट रही है, जबकि हम मीटर लगाने को तैयार है लेकिन हैरानी की बात है कि बाजार में मीटर ही नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में न हमारी प्रशासन सुन रही है और न ही चंडीगढ़ पुलिस। इसके अलावा पुलिस मीटर के प्रति चालकों को जागरूक भी नहीं किया। अगर मीटर मिल जाए तो चालान से बचा सकता है।
- अनिल कुमार, प्रधान हिंद ऑटो रिक्शा