उन्होंने बताया कि पंजाब रोडवेज और पनबस के मुख्य दफ्तर में केंद्रीय निगरानी और कंट्रोल रूम स्थापित किये जा रहे हैं, जहां बसों की लाइव ट्रैकिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट के अधीन जालंधर-1 और जालंधर-2 डिपो की 110 बसों में जीपीएस उपकरण लगाए गए हैं।
यह सिस्टम अब पंजाब रोडवेज और पनबस के सभी 18 डिपो में लगाए जाएंगे। प्रोजेक्ट को मई, 2020 तक पूरा कर लिया जाएगा। यह सिस्टम निकट भविष्य में पीआरटीसी और प्राइवेट बसों में भी लगाया जाएगा।
महिलाओं के लिए बसों में लगेगा पैनिक बटन
ट्रांसपोर्ट मंत्री ने बताया कि प्रोजेक्ट के पूरी तरह लागू होने के बाद यात्रियों, विशेष तौर पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए पंजाब पुलिस के सहयोग से सभी बसों में पैनिक बटन लगाए जाएंगे। बसों की मॉनीटरिंग और कंट्रोल के लिए चंडीगढ़ में सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सभी बसों की ओवर स्पीडिंग, हार्स ब्रेकिंग, हार्स एक्सलरेशन, बसों के रात को ठहरने और अपने निश्चित स्थान की जगह पर किसी अन्य स्थान पर रुकना, बसों का 25 मिनट से ज्यादा ढाबों पर रुकना, बाईपास फ्लाई ओवर, रूट डायवर्जन, स्टॉपेज मिस करना, निश्चित समय से पहले और बाद में चलना, निश्चित किलोमीटर तय न करना आदि की रीयल टाइम मॉनिटरिंग सेंट्रल कंट्रोल रूम और बसों के संबंधित डिपो द्वारा की जाएगी और एसएमएस द्वारा अलर्ट भी भेजे जाएंगे। इसके अलावा चालक का व्यवहार, कंडक्टर का व्यवहार, बस का प्रयोग, स्टाफ का प्रयोग आदि संबंधी रिपोर्ट भी सिस्टम द्वारा तैयार की जाएगी।