चंडीगढ़। चंडीगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में बड़ा बदलाव करते हुए आर्थिक सहायता राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के मार्गदर्शन में लिए गए इन निर्णयों का उद्देश्य निर्माण श्रमिकों के परिवारों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है।
बोर्ड ने कक्षा पहली से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा सहायता राशि बढ़ा दी है। अब कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों को 7,500 रुपये, छठी से आठवीं तक 10,000 रुपये, नौवीं-दसवीं के विद्यार्थियों को 25,000 रुपये और 11वीं-12वीं के छात्रों को 35,000 रुपये की सहायता मिलेगी। आईटीआई और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए सहायता राशि 30 हजार से बढ़ाकर 45 हजार रुपये कर दी गई है। स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए 60 हजार रुपये, बीटेक और बी.आर्क. के विद्यार्थियों को 75 हजार रुपये, एमबीबीएस के छात्रों को एक लाख रुपये तथा एमए, एमएससी और यूजीसी मान्यता प्राप्त स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए 75 हजार रुपये की सहायता मिलेगी।
बोर्ड ने पहली बार ऑनर टू मेरिटोरियस स्टूडेंट्स योजना शुरू की है। इसके तहत 10वीं, 11वीं और 12वीं में 85 से 90 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को एक लाख रुपये, 91 से 95 प्रतिशत अंक लाने वालों को 1.50 लाख रुपये और 96 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को दो लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
वृद्धावस्था, दिव्यांग, विधवा पेंशन हुई तीन हजार
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में भी बड़ी बढ़ोतरी की गई है। वृद्धावस्था, दिव्यांग, विधवा तथा मानसिक या शारीरिक रूप से दिव्यांग बच्चों की पेंशन 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। टूलकिट एवं साइकिल सहायता 5,000 से बढ़ाकर 15,000 रुपये, कन्यादान सहायता 51 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये, मातृत्व सहायता 21 हजार से बढ़ाकर 31 हजार रुपये तथा बेटियों के लिए एफडी सहायता 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है।
नई ओपीडी रिफंड योजना मंजूर
स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत बोर्ड ने नई ओपीडी रिफंड योजना भी मंजूर की है। इसके तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला के सरकारी अस्पतालों एवं डिस्पेंसरियों में इलाज कराने पर एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 25 हजार रुपये तक के खर्च की प्रतिपूर्ति मिलेगी। डॉक्टर की पर्ची और बिल प्रस्तुत करने पर यह सुविधा उपलब्ध होगी। यह योजना 1 अगस्त से लागू होगी।