अब टोल टैक्स बैरियर पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। ऐसा संभव हो पाएगा ई-टोल सिस्टम से। 25 से सुविधा शुरू हो जाएगी। इस सुविधा के तहत किसी भी टोल के लिए आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक से आरएफआई कार्ड मिलेगा।
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आरएफआई कार्ड बनवाने वाले वाहन चालकों को अब हर बार टोल पर रुककर भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी। वाहन के अगले शीशे पर यह कार्ड लगेगा और टोल पर पहुंचते ही लेजर सिस्टम से गेट खुल जाएगा। टोल के पैसे उस कार्ड के अकाउंट से कट जाएंगे। उपभोक्ता को बस कार्ड में पैसे डलवाने होंगे।
कार्ड लगे वाहनों के लिए हर टोल पर दो से तीन अलग से लेन बनाई गई हैं। योजना के तहत वाहन चालकों को 10 प्रतिशत का कैशबैक भी मिलेगा, जो उनके खाते में खुद ही पहुंच जाएगा। योजना में प्रदेश के 9 टोल शामिल हैं। इन टोल पर ई-टोल के लिए सभी उपकरण लग चुके हैं।
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एनएचएआई और टोल प्लाजा की ओर से एक योजना
रोहतक टोल प्लाजा
- फोटो : डेमो फोटो
टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी लाइन के कारण चालकों को पर्ची कटवाने के लिए काफी इंतजार करना पड़ता है। चालकों के समय और पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) और टोल प्लाजा की ओर से एक योजना शुरू की जा रही है। योजना के तहत किसी भी टोल प्लाजा से एक बार 200 रुपये लेकर इच्छुक वाहन चालकों को रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन (आरएफआई) कार्ड दिया जाएगा।
उसे गाड़ी के अगले शीशे पर लगा लिया जाएगा और उसके सहारे किसी भी टोल पर सीधे निकला जा सकता है। यह कार्ड उपभोक्ता के किसी भी एक एकाउंट नंबर से अटैच होगा और टोल से गाड़ी निकलते ही टैक्स का रुपया उस एकाउंट से कट जाएगा। इसके लिए एनएचएआई का आईसीआईसीआई व एक्सिस बैंक से करार हुआ है। इस स्कीम का फायदा लेने के लिए वाहन चालक के पास इन दो बैंकों में से एक बैंक का अकाउंट होना जरूरी है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि बाद में दूसरे बैंकों से भी यह करार किया जाएगा।
इस तरह होगा पूरा सिस्टम
एनएचएआई की ओर से सभी टोल पर इसके लिए अलग से 2-3 लेन बनाई गई हैं। उन लेन के बूथ में पूरा सिस्टम कंप्यूटराइज्ड होगा, जिनपर अलग-अलग दो लेजर एंटीना लगे होंगे। जब कोई वाहन चालक कार्ड खरीदकर अपनी गाड़ी के शीशे पर लगा लेगा और वह टोल से गुजरेगा तो कार्ड का लेजर सिस्टम एंटीना के सहारे 100 मीटर पहले ही रीड कर लिया जाएगा। इससे टोल का गेट पहले ही खुल जाएगा और उस लेन से गाड़ी सीधी निकल जाएगी। इसके तुरंत बाद ही खाते से रुपये कट जाएंगे। इसके लिए खाते में किसी भी टोल के लिए कम से कम टैक्स के रुपये होने चाहिए। अगर देश के किसी भी टोल पर कम से कम 100 रुपये का टैक्स है तो उतने रुपये खाते में होने जरूरी हैं।
हरियाणा में नेशनल हाइवे पर 9 टोल इस योजना में शामिल हैं। जिनमें दिल्ली-आगरा पर श्रीनगर टोल, दिल्ली-गुड़गांव पर खेड़की डौला टोल, दिल्ली-रोहतक-हिसार पर रोहद टोल, पानीपत-अंबाला पर घरौंडा टोल, पानीपत एलिवेटेड टोल, रोहतक-पानीपत पर डाहर और मकड़ौली टोल, रोहतक-बावल पर डीघल व गंगायचा जाट टोल पड़ते हैं।
किसी एक टोल के लिए भी मिलेगा कार्ड
मकड़ौली टोल के मैनेजर अभिमन्यु चौहान ने बताया कि वाहन चालक को अगर किसी एक टोल के लिए कार्ड लेना हो तो यह सुविधा भी दी जा रही है। उनके अनुसार वह कार्ड केवल किसी एक टोल के लिए होगा, लेकिन उसकी भी सभी प्रक्रिया देशभर के टोल के लिए मिलने वाले कार्ड की तरह होगी। इनमें सिर्फ इतना फर्क होगा कि वह किसी एक टोल के लिए कार्ड उसी जगह से कंपनी की ओर से दिया जाएगा। जबकि सभी जगह के लिए एनएचएआई की ओर से जारी होने वाला कार्ड मान्य होगा।
पास से महंगा, रूटीन से सस्ता
इस कार्ड का फायदा उन लोगों को नहीं होगा, जो रोजाना एक टोल से गुजरते हैं और मासिक पास बनवा रखा है। हालांकि रूटीन में होने वाले भुगतान से यह कार्ड सस्ता होगा।