कैमरे किसी काम के नहीं, बम के सैंपल साथ ले गई टीम
एनएसजी ने टिफिन बम के धमाके के बाद सैंपल लिया। इसकी लैब में जांच की जाएगी। इसके बाद बम की गंभीरता का पता चल सकेगा। पुलिस ने जेल के आसपास लगे सीसीवीटी कैमरों को खंगाला तो पता चला कि वह कैमरे चल ही नहीं रहे हैं। सवाल उठता है कि स्मार्ट सिटी की हाईटेक पुलिस सीसीटीवी कैमरों से शहर की सुरक्षा का दावा करती है और ऐसे संवेदनशील स्थान पर कैमरे बंद हैं।
बम के स्थान पर लगी थी आग
शनिवार रात को ऑपरेशन सेल के प्रभारी डीएसपी जसबीर सिंह और निरीक्षक अमनजोत सिंह क्यूआरटी व पुलिस टीम के साथ जेल के पास चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान पुलिस को जेल के पीछे दीवार के पास आग लगी दिखी। अमनजोत ने पैर से आग बुझाने का प्रयास किया तो आगे जली हुईं तारें, बैग और संदिग्ध टिफिन बम पड़ा था। इसके बाद कंट्रोल रूम पर सूचना दी गई। तारों से आसपास की काफी घास जल गई थी।
यूएपीए और विस्फोटक अधिनियम के तहत अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच चल रही है। जेल के आसपास जो सीसीटीवी कैमरे चल रहे हैं, उन्हें खंगाला जा रहे हैं। - कुलदीप सिंह चहल, एसएसपी चंडीगढ़
एनआईए और वॉच टावर की नाक के नीचे बम, भनक तक नहीं लगी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) देश की सर्वश्रेष्ठ जांच एजेंसियों में से एक है। बुड़ैल जेल के अंदर ही एनआईए का भी दफ्तर है। हैरान करने वाली बात यह है कि एजेंसी तक को भनक नहीं लगी। इसके अलावा जहां बम रखा गया था उसके पास ही वॉच टॉवर बना है लेकिन वहां तैनात कर्मचारी ने भी किसी को आते-जाते नहीं देखा। जेल की दीवार के पास टिफिन बम मिलना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक का मामला है। जेल में बने एनआईए दफ्तर के अंतर्गत चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल का क्षेत्र आता है।