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चंडीगढ़ में टिफिन बम: एनएसजी की निगरानी में किया गया धमाका, बुड़ैल जेल के पीछे रात को मिला था विस्फोटक

Sun, 24 Apr 2022 04:21 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

बुड़ैल जेल में कई गैंगस्टर और अपराधी बंद हैं। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भ्यौरा समेत 5 आतंकी बंद हैं। बता दें कि परमजीत सिंह भ्यौरा, जगतार सिंह तारा और जगतार सिंह हवारा साल 2004 में बुड़ैल जेल के अंदर से सुरंग बनाकर फरार हो गए थे। 
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बुड़ैल जेल के बाहर धमाके के बाद फटी रेत की बोरियां। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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हाई सिक्योरिटी बुड़ैल जेल की दीवार के पास रखे बम को डिफ्यूज करने के लिए रविवार सुबह से ही पुलिस तैनात रही। दोपहर लगभग सवा एक बजे एनएसजी की टीम मौके पर पहुंची। लगभग पौने तीन घंटे की मशक्कत के बाद टीम ने रोबोटिक मशीन से बम के आसपास के क्षेत्र का जायजा लिया। एनएसजी कमांडो ने बम को जेल की दीवार के पास से लगभग 10 फुट दूर रखा। इसके बाद आसपास रेत की बोरियां रखकर बम को विस्फोट कराया।

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धमाके की आवाज से पास में खड़े पुलिसकर्मी भी सहम गए। धमाके से रेत की बोरियां फट गईं। हालांकि पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को अभी मजबूत रखा है। इस मामले में सेक्टर-49 थाना पुलिस ने ऑपरेशन सेल के प्रभारी अमनजोत सिंह की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ यूएपीए और विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है।

 

बुड़ैल जेल की दीवार के साथ शनिवार की शाम को मिले टिफिन बम से आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने जेल की ओर आने-जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी थी। रात को सेना ने बम को एक लाल रंग के ड्रम से ढककर सुरक्षित रख दिया। रविवार सुबह 9 बजे सिविल डिफेंस और जेल अधिकारी मौके पर पहुंचे। उसके बाद दोपहर साढ़े 12 बजे एसपी केतन बंसल समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। 

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करीब सवा एक बजे एनएसजी की टीम ने मुआयना करने के बाद आसपास के लोगों को लगभग 100 मीटर दूर भेजने को कहा। पुलिस ने तत्काल बैरिकेडिंग कर दी। एक बजकर 45 मिनट पर एनएसजी की टीम बुलेट प्रूफ जैकेट, हेलमेट और अन्य सुरक्षा उपकरण पहनकर ऑपरेशन के लिए उतरी। टीम ने सबसे पहले विस्फोटक सामग्री के पास रोबोटिक मशीन भेजकर उसकी गंभीरता को जांचा। सबकुछ ठीक मिलने पर टीम का एक सदस्य बम के पास गया और उसे दीवार से दूर रखा गया। उसके बाद लगभग चार बजकर 18 मिनट पर बम को विस्फोट कर दिया गया। 

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कैमरे किसी काम के नहीं, बम के सैंपल साथ ले गई टीम
एनएसजी ने टिफिन बम के धमाके के बाद सैंपल लिया। इसकी लैब में जांच की जाएगी। इसके बाद बम की गंभीरता का पता चल सकेगा। पुलिस ने जेल के आसपास लगे सीसीवीटी कैमरों को खंगाला तो पता चला कि वह कैमरे चल ही नहीं रहे हैं। सवाल उठता है कि स्मार्ट सिटी की हाईटेक पुलिस सीसीटीवी कैमरों से शहर की सुरक्षा का दावा करती है और ऐसे संवेदनशील स्थान पर कैमरे बंद हैं। 

बम के स्थान पर लगी थी आग
शनिवार रात को ऑपरेशन सेल के प्रभारी डीएसपी जसबीर सिंह और निरीक्षक अमनजोत सिंह क्यूआरटी व पुलिस टीम के साथ जेल के पास चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान पुलिस को जेल के पीछे दीवार के पास आग लगी दिखी। अमनजोत ने पैर से आग बुझाने का प्रयास किया तो आगे जली हुईं तारें, बैग और संदिग्ध टिफिन बम पड़ा था। इसके बाद कंट्रोल रूम पर सूचना दी गई। तारों से आसपास की काफी घास जल गई थी।
यूएपीए और विस्फोटक अधिनियम के तहत अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच चल रही है। जेल के आसपास जो सीसीटीवी कैमरे चल रहे हैं, उन्हें खंगाला जा रहे हैं। - कुलदीप सिंह चहल, एसएसपी चंडीगढ़

एनआईए और वॉच टावर की नाक के नीचे बम, भनक तक नहीं लगी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) देश की सर्वश्रेष्ठ जांच एजेंसियों में से एक है। बुड़ैल जेल के अंदर ही एनआईए का भी दफ्तर है। हैरान करने वाली बात यह है कि एजेंसी तक को भनक नहीं लगी। इसके अलावा जहां बम रखा गया था उसके पास ही वॉच टॉवर बना है लेकिन वहां तैनात कर्मचारी ने भी किसी को आते-जाते नहीं देखा। जेल की दीवार के पास टिफिन बम मिलना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक का मामला है। जेल में बने एनआईए दफ्तर के अंतर्गत चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल का क्षेत्र आता है। 
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