वहीं भाजपा में विरोध का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। सुबह काले झंडे दिखाकर किरण खेर का विरोध किया गया तो शाम को पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए।
कार्यालय में जमकर हाथापाई हुई और एक-दूसरे पर कुर्सियां फेंकी गईं। यहां तक कि चार जिलाध्यक्षों बीसी पुरी, रविकांत शर्मा, देवी सिंह और शक्ति प्रकाश देवशाली ने अपनी टीम के साथ सामूहिक रूप से प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन को इस्तीफा दे दिया।
यह तब हुआ जब जिला नंबर तीन की बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन, सत्यपाल जैन और किरण खेर भी मौजूद थीं।
सूत्रों के अनुसार मंगलवार देर रात जिला अध्यक्षों और इकाइयों की बैठक हुई। इसमें जिला नंबर तीन के पदाधिकारी और पंचायत समिति के पूर्व चेयरमैन दीदार सिंह ने किरण खेर से कहा कि क्या आप टिकट वापस करेंगी।
इस पर एक कार्यकर्ता ने उन्हें बैठने को कह दिया जबकि जिलाध्यक्ष देवी सिंह ने दीदार सिंह को अपनी बात रखने की इजाजत दे दी।
धीरे-धीरे बात बढ़ती चली गई और बैठक के दौरान हाथापाई शुरू हो गई। इस बीच किसी ने पुलिस को फोन कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया।
बागी नेताओं को दो दिन की मोहलत :
भाजपा उम्मीदवार के विरोध के बाद भाजपा केंद्रीय नेतृत्व ने चंडीगढ़ के बागी नेताओं को दो दिन की मोहलत दी है। यहां तक कि चेतावनी दी गई है कि जो नेता पार्टी के अनुशासन में नहीं रहेगा, उसे बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। चाहे वह कितना बड़ा ही क्यों न हो।