उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से पिछले सप्ताह ईंट भट्ठे पर मजदूरी के लिए पहुंचे परिवार की तीन साल की मासूम बच्ची के शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म के बाद हत्या की पुष्टि हुई है। बच्ची का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराने के लिए शव पीजीआई रोहतक भेजा गया था, वहीं से रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
इस रिपोर्ट के आने के बाद पुलिस ने इस मामले में दुष्कर्म सहित पोक्सो एक्ट के तहत धाराएं जोड़ दी हैं। इस रिपोर्ट के बाद पुलिस गंभीर हो गई और शनिवार को पूरे दिन 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने डीएसपी की अगुवाई में ईंट भट्ठे के चारों तरफ सर्च अभियान चलाया, लेकिन उन्हें शाम तक बच्ची के कटी हुई टांग और हाथ नहीं मिले।
सात अक्तूबर को गांव तितरम के निकट स्थित एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी के लिए यूपी के बदायूं से एक बहनोई - साले का परिवार पहुंचा था। वे रात को ही वहां रुके थे कि दशहरे के अगले ही दिन दोपहर बारह बजे के बाद उनकी तीन साल की बच्ची लापता हो गई।
परिजनों ने मासूम बच्ची को काफी खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चलने पर लापता होने की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने पहले इस मामले में अपहरण के आरोप का केस दर्ज किया था। लेकिन सनसनी उस समय फैल गई थी, जब शुक्रवार को भट्ठे पर ही ईंंट बनाने के लिए डाली गई। मिट्टी के ढेर पर बच्ची का क्षत-विक्षत शव मिला। बच्ची के दोनों पांव व दोनों हाथ कटे हुए मिले।