पीयू के आंकड़ों को देखें तो यहां स्थायी शिक्षकों की संख्या लगभग 750 है। कर्मचारियों की संख्या 2200 से अधिक है। कुल मिलाकर 2950 लोगों को महंगाई भत्ता हर साल मिलता है। इस बार भी लगभग 15 करोड़ से अधिक रकम महंगाई भत्ते के रूप में मिलने वाली थी। इसका इंतजार भी शिक्षक व कर्मचारी कर रहे थे। यह भी बात सामने आ रही है कि एरियर भी शिक्षक व कर्मचारियों का रुक सकता है। हालांकि इस पर पीयू ने अभी फाइनल निर्णय नहीं लिया है।
पीयू की आंतरिक कमाई रुकी
पीयू को केंद्र सरकार से केवल वेतन का बजट ही मिल रहा है और वह भी पूरा नहीं। सितंबर माह के वेतन के लिए पैसे तो हैं, लेकिन पूरे नहीं हैं। ऐसे में पीयू अपने अन्य मदों से वेतन का जुगाड़ कर रहा है। पीयू की आंतरिक कमाई फीस, दुकानों व कैंटीनों का किराया, गेस्ट हाउस किराया अन्य माध्यमों से होती थी, लेकिन यह बंद है। फीस भी आ रही है, लेकिन वह भी पूरी जमा नहीं हो पा रही है। आंतरिक कमाई रुकने से पीयू का खजाना खाली हो रहा है।
केंद्र सरकार की ओर से महंगाई भत्ता फ्रीज कर दिया गया था। पीयू ने केंद्र के आदेश अब स्वीकार कर लिए हैं। इसके लिए अब पीयू ने भी सभी को अवगत करा दिया है। - विक्रम नैयर, एफडीओ, पीयू