अमरनाथ यात्रा के दौरान अचानक पानी के तेज हुए बहाव में पहाड़ी पत्थर दो युवकों पर आ गिरे, जिससे उनकी मौत हो गई। इनमें से एक युवक पंजाब का है। हादसा रविवार को पवित्र गुफा के पास हुआ।
इसके अलावा शनिवार को यात्रा के दौरान बराड़ी के पास मुंबई के 31 वर्षीय युवक की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। श्री अमरनाथ यात्रा शुरू हुए अभी दो दिन हुए हैं और इस दौरान तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
अचानक नाले के पानी का बहाव तेज
श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन (एसएबीएलओ) के प्रधान विजय कुमार ठाकुर ने बताया कि दो युवक बर्फानी बाबा के दर्शन करने के बाद गुफा के पास बह रहे नाले के बीच पड़े पत्थर पर बैठ कर जूते पहन रहे थे।
अचानक नाले के पानी का बहाव तेज हो गया। पानी के साथ पहाड़ी पत्थर भी खिसक कर युवकों के ऊपर गिर पड़े। पत्थर गिरने से दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए। हादसे में दोनों की मौत हो गई।
युवक के सीने में दर्द उठा और उसकी मौत
इसी तरह शनिवार को मुंबई से लगभग 28 युवकों का ग्रुप आया था। इन सभी ने बालटाल के जरिए पवित्र गुफा के लिए यात्रा शुरू की। जैसे ही ये लोग बराड़ी तक पहुंचे कि एक युवक के सीने में दर्द उठा और उसकी मौत हो गई।
इस बार अमरनाथ यात्रा के रास्ते में बर्फ बहुत ज्यादा है। बर्फ में आक्सीजन बहुत कम हो जाती है और सांस लेने में दिक्कत होती है। 2012 में लगभग 107 लोगों की गहरी खाई में गिरने और आक्सीजन की कमी के कारण मौत हो गई थी। वहीं 2013 में तकरीबन आठ लोगों की जान गई थी।
श्रद्धालुओं को तंग कर रही जेएंडके पुलिस
अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर पुलिस से खासे नाराज हैं। श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन (एसएबीएलओ) के प्रधान विजय कुमार ठाकुर ने बताया कि इस बार यात्रियों की संख्या बहुत कम है।
रोजाना बालटाल के जरिए 7500 यात्रियों को पवित्र गुफा के दर्शन के लिए रवाना किया जाना है लेकिन शनिवार को लगभग सात सौ यात्रियों को ही रवाना किया गया था। बावजूद इसके जेएंडके पुलिस मनीग्राम में यात्रियों को रोककर बैठी है और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है।
बालटाल में उदासी का माहौल
ठाकुर ने बताया कि लंगर समितियों ने रोजाना 15 हजार श्रद्धालुओं के खानपान व रहने की व्यवस्था की हुई है। फिर भी पुलिस यात्रियों को रास्ते में रोककर तंग कर रही है। इससे यात्रियों में बुरा संदेश जा रहा है।
जो यात्री माथा टेक कर लौट रहे हैं, वो जेएंडके पुलिस से नाराज हैं। वहीं यात्रियों के न पहुंचने से बालटाल में उदासी का माहौल है। क्योंकि पहले रोजाना आठ से नौ हजार यात्री पहुंचते थे अब सिर्फ एक हजार पहुंच रहे हैं।