धींगड़ा टेलिकॉम के संचालक आशु धींगड़ा ने सोमवार रात कुछ लोगों की ओर से लगातार परेशान किए जाने से तंग होकर घर में ही जहर निगल लिया। इसके बाद उसे फाजिल्का के सिविल अस्पताल में लाया गया। थाना सिटी प्रभारी रजिंदर शर्मा ने आशु ढींगड़ा का वीडियो क्लिप व लिखित बयान दर्ज किए। डॉक्टरों ने उसकी हालात को गंभीर देखते हुए उसे फरीदकोट मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। उसकी बाद में मौत हो गई।
आशु धींगड़ा के पिता मिट्ठू धींगड़ा ने बताया कि उसका लड़का कुछ दिनों से परेशान था। कुछ लोग उसे परेशान कर रहे थे। साल 2011 का आशु पर एक पुराना केस चल रहा था। उस केस के सिलसिले में उसे दो साल की सजा हुई थी। आशु 11 महीने जेल काटकर आया है। इसके बाद भी उक्त लोग उसे काफी परेशान कर रहे थे। इससे परेशान होकर उसने जहर निगल लिया। नगर थाना प्रभारी राजिंद्र शर्मा ने साहिल, कल्पना, सरोज और दो अज्ञात समेत पांच पर मामला दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
नगर निगम में बतौर बेलदार तैनात जवाहर नगर कैंप निवासी सुरिंदर कुमार (38) ने मंगलवार सुबह अपने घर में संदिग्ध हालात में फंदा लगाकर जान दे दी। घटना का पता उस समय चला जब उसके पड़ोसी उसे बुलाने के लिए गए। सूचना पर थाना डिवीजन पांच की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने जांच के बाद शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है।
थाना डिवीजन पांच की प्रभारी सब इंस्पेक्टर रिचा रानी ने बताया कि सुरिंदर मूलरुप से हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा का रहने वाला था। उसे अपने पिता की मौत के बाद नगर निगम में नौकरी मिली थी। वह बतौर बेलदार नगर निगम में तैनात था। मंगलवार सुबह उसने घर में फंदा लगाकर जान दे दी।
सुरिंदर कुमार ने फंदा क्यों लगाया अभी पता नहीं चल पाया है। मृतक के कब्जे से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने अपनी मौत का जिक्र तो नहीं किया बल्कि एटीएम का पासवर्ड लिख दिया है ताकि उसके घर वाले बैंक से पैसे निकलवा सकें। रिचा रानी ने बताया कि पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।