सर्दी की छुट्टी होने पर वह घर आए थे। शनिवार की शाम नरेंद्र इन तीनों बच्चों को हॉस्टल में छोड़ने के लिए कार में महेंद्रगढ़ आ रहा था। गांव नांगल सिरोही के पास सामाने से आ रहे ट्राले ने उनकी कार को टक्कर मार दी जिससे नरेंद्र एवं प्रिंस ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। विशाल एवं नवनीत गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
दोनों को नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ भर्ती करवाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान विशाल ने भी दम तोड़ दिया। नवनीत को चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देकर हायर सेंटर रेफर कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। समाचार लिखे जाने तक मामला दर्ज नहीं हुआ था। बताया जाता है कि 25 जनवरी को विशाल के ताउ के पौती की शादी है।
अंदर स्नान करता अधेड़ बाल-बाल बचा
मकान मालिक फूल चंद निवासी नांगल सिरोही ने बताया कि उसके दो मकान हैं। एक मकान रोड पर तो दूसरा उसके साथ लगती गली में है। उसने बताया कि वह साढ़े चार बजे रोड पर स्थित मकान में स्नान कर रहा था। तभी अचानक जोरदार आवाज हुई। जब उसने बाहर आकर देखा तो वह हैरान रह गया। उसके मकान को ट्राले ने टक्कर मारकर तोड़ दिया। मकान के अंदर के हिस्से में दरार आ गई।
इस हादसे के बाद नेशनल हाईवे 148 बी पर जाम लग गया। दोनों ओर वाहनों की चार-चार किलोमीटर लंबी कतार लग गई। मौके पर पहुंच पुलिस ने एक घंटे बाद जाम को खुलवाया।
गड्ढे के बचाने को लेकर हुआ हादसा
नेशनल 148 बी जगह-जगह टूटा हुआ है। यह हाईवे फोरलेन बनना है परंतु अभी तक इस पर सरकार ने कोई कार्रवाई शुरू नहीं की। रोड टूटे होने के कारण लोग गड्ढों को बचाने के चक्कर में सड़क हादसे का शिकार हो जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हनुमान मंदिर के आसपास तीन चार जगह गड्ढे हैं। इन गड्ढों को बचाने के चक्कर में कई हादसे हो चुके हैं। प्रशासन को कई बार इनको ठीक करवाने के लिए शिकायत भी दे चुके हैं। परंतु इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।
ऐसे हुआ हादसा
हादसे से पता चलता है कि ट्राला महेंद्रगढ़ से नारनौल की ओर तेज रफ्तार से जा रहा था। इस दौरान नांगल सिरोह के हनुमान मंदिर के पास गड्ढ़े को बचाने के चक्कर में ट्राले का संतुलन बिगड़ गया और सामने से आ रही ईओन कार को टक्कर मारकर घसीटता हुआ मकान से जा टकराया। इससे पहले ट्राला खंभे से भी टकराया है। गाड़ी पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी है।