फिरोजपुर में भी सोमवार को दो नौजवानों की मौत हो गई। दोनों का शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में लाया गया। पहली घटना फिरोजपुर-फरीदकोट रोड पर गांव रूकनाबेगू की है।
गांव के 24 वर्षीय नौजवान काबुल सिंह की नशे के ओवरडोज से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि काबुल सिंह पिछले तीन साल से नशे का सेवन कर रहा था।
वह सोमवार को घर पर लेटा हुआ था। उसकी अचानक तबीयत खराब हुई। पिता के अनुसार वह अपने काम से दुकान पर था। दिन में साढ़े दस बजे उसे बेटे की तबीयत खराब होने की सूचना मिली। वह तुरंत घर पहुंचा। वहां देखा कि बेटा काबुल सिंह पसीने से लथपथ पड़ा था। जब उसने उसे चेक किया तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
दूसरी घटना सरहदी गांव वाला की है। जिसमें एक 25 वर्षीय युवक मलकीत सिंह की नशे के कारण मौत हो गई। बताया जा रहा है मलकीत सिंह पिछले चार साल से नशे का सेवन कर रहा था।
मलकीत का इलाज फरीदकोट मेडिकल कॉलेज से चल रहा था। मलकीत रोजाना मजदूरी करने के लिए फिरोजपुर शहर आता था। घर वालों से चोरी छिपे मलकीत सिंह मेडिकल नशे का सेवन करता था।
नशे के सेवन के चलते मलकीत को पीलिया हो गई। मलकीत की ज्यादा तबियत खराब होने के कारण घर पर ही मौत हो गई। पिता का कहना है कि गांव में नशे का धंधा बहुत चलता है। यह धंधा पुलिस की मिली भगत से चल रहा है।
कई बार ग्रामीणों की ओर से इसकी शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। डीएसपी सुरेंद्र बंसल ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बठिंडा में भी युवक ने गंवाई जान
बठिंडा के भगता भाईका के गांव सलाबतपुरा के तीस वर्षीय जगदीप सिंह पुत्र केवल सिंह की चिट्टे के टीके का ओवरडोज लेने से मौत हो गई है। मृतक के पिता केवल सिंह ने बताया कि उनका बेटा बीए पास था और नजदीकी गांव आदमपुरा के दो युवकों के चुंगल में फंसकर नशे का आदी बन गया था। उन्होंने पुलिस से मांग कि उनके बेटे को नशे की दलदल में फंसाने वाले आरोपी युवकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जगदीप गांव में फल बेचता था। थाना दयालपुरा पुलिस ने केवल सिंह के बयान पर कार्रवाई की है।