भाजपा पार्षद रवि कांत शर्मा के साथ हुए विवाद के बाद आईएएस एवं एसडीएम साउथ कृति गर्ग का चंडीगढ़ से अंडमान- निकोबार तबादला कर दिया गयाहै। प्रशासनिक हलके में चर्चा है कि कृति गर्ग का तबादला राजनीतिक दबाव में किया गया है।
गौरतलब है कि बीते मंगलवार को रोगी कल्याण समिति की बैठक के बाद भाजपा पार्षद रवि कांत शर्मा ने एसडीएम गर्ग पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे। पार्षद ने इसकी शिकायत डीसी, गृह सचिव, सलाहकार, प्रशासक के साथ साथ गृह मंत्रालय को देते हुए एसडीएम पर कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि डीसी ने दोनों के बीच समझौता करवाने का भी प्रयास किया था।
24 लाख खर्च करने पर विवादों में आए थे दीपक कुमार
आईएएस डॉ, एसबी दीपक कुमार
चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड में चीफ एग्जीक्यूटिव आफिसर (सीईओ) के पद पर रहते हुए आईएएस डॉ, एसबी दीपक कुमार भी खूब विवादों में रहे। एसबी दीपक कुमार और सीएचबी चेयरमैन आईएएस मनिंदर सिंह बैंस के बीच कई बार विवाद हुआ। इसके बाद दीपक कुमार को हाउसिंग बोर्ड से हटा दिया गया था।
दरअसल, सीएचबी के चीफ एग्जीक्यूटिव आफिसर के पद पर रहते हुए आईएएस एसबी दीपक कुमार ने बोर्ड के सरकारी खजाने से सेक्टर-16 स्थित अपने सरकारी मकान नंबर 507 में कैंप आफिस के नाम पर करीब 24 लाख रुपये खर्च किए थे। इसे लेकर सीएचबी चेयरमैन मनिंदर सिंह बैंस ने आईएएस एसबी दीपक कुमार के खिलाफ बोर्ड फं ड का दुरुपयोग करने पर इंक्वायेरी मार्क की थी।
आईएएस तन्वी गर्ग भी रहीं विवादों में
आईएएस तन्वी गर्ग
आईएएस तन्वी गर्ग चेक बाउंस मामले में भी विवादों में रह चुकी है। आईएएस तन्वी गर्ग के जानकार रजत गुप्ता ने तन्वी गर्ग के खिलाफ 30 लाख रुपये के चेक बाउंस का केस दायर किया था। गुप्ता ने आरोप लगाया था कि तन्वी गर्ग पर उनसे 30 लाख रुपये लिए थे। इसके एवज में उन्होंने रजत को 30 लाख का चेक दिया था, जो बाउंस हो गया था।
इसके बाद रजत ने उन्हें लीगल नोटिस भेजा था। नोटिस के बाद रजत की ओर से केस दर्ज कराया गया था। वहीं तन्वी गर्ग की ओर से भी क्रॉस एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि रजत ने उनके घर से चेक चोरी किया है।
वहीं, रजत की ओर से दायर केस की सुनवाई करते हुए अदालत ने तन्वी गर्ग को समन जारी किए थे। इसके बाद वर्तमान में अंडमान निकोबार में तैनात तन्वी गर्ग ने अदालत से हुए समन के आदेश को ऊपरी अदालत में चुनौती दी थी।