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Punjab: चंडीगढ़ और मोहाली के कारोबारियों से जबरन वसूली करने वाले तीन काबू, लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े हैं आरोपी

Thu, 01 Jun 2023 12:52 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

एसएसओसी के एआईजी अश्वनी कपूर ने बताया कि आरोपी मोहाली से ही सारा गिरोह चला रहे थे। इन्होंने सेक्टर-69 में किराये का एक फ्लैट ले रखा था। वहीं से यह सारा काला कारोबार चला रहे थे। आरोपी वहां पर इस तरह से अपना जीवन जी रहे थे कि इन पर कोई संदेह तक न कर सके। अब पुलिस उनके अन्य सहयोगियों की तलाश में जुट गई है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े गिरोह के तीन गुर्गों को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया है। आरोपी लॉरेंस के इशारे पर चंडीगढ़ और मोहाली के नाइट क्लबों, बार मालिकों और कारोबारियों से जबरन वसूली करते थे। वहीं, वे एक ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से लोगों को सट्टे के खेल में फंसाकर करोड़ों रुपये ठगते थे। जब लोग इन्हें पैसे नहीं दे पाते थे तो ये उन्हें जेल और विदेश में बैठे गैंगस्टरों से धमकी दिलाते थे। 

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आरोपियों की पहचान रोहित भारद्वाज उर्फ रिम्मी निवासी जीरकपुर, मोहित भारद्वाज व अनुज ठाकुर निवासी चंडीगढ़ के रूप में हुई है। आरोपियों पर स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) के मोहाली थाने में जबरन वसूली, धमकी देने, साजिश रचने व आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। डीजीपी गौरव यादव ने बताया आरोपी रोहित से 14.78 लाख की नकदी व आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन से और पुख्ता सबूत मिले हैं। आरोपियों के बैंक खाते फ्रीज किए जा रहे हैं।

पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी जुए, एक ऑनलाइन प्लेटफार्म डायमंड एक्सचेंज का प्रयोग कर ऑनलाइन गेमिंग में लोगों को शामिल करवाते थे। इसके लिए शुरू में वह लोगों से मामूली फीस वसूलते थे। साथ ही सट्टेबाजी कर मोटा मुनाफा कमाकर लोगों को ठगते थे। कुछ लोग शुरू में इनाम जीतने के बाद सट्टेबाजी में पैसे गंवाना शुरू कर देते थे फिर आरोपी पैसे गंवाने वाले व्यक्ति को उधार पर लाखों रुपये देने की पेशकश करते थे। एक बार जब पीड़ित उधार पर पैसे प्राप्त कर लेता था तो फिर आरोपी रकम पर उससे मोटा ब्याज वसूलते थे। इस वजह से कई बार यह रकम करोड़ों रुपये पहुंच जाती थी।

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अब पीड़ित पैसे वापस करने में असमर्थ हो जाते थे तो आरोपी जेल या विदेश में बैठे अपने गैंगस्टर साथियों से उन्हें धमकी भरे फोन करवाते थे। पुलिस की टीमों ने विभिन्न भुगतान व बैंक खातों की जांच की जिनके माध्यम से पैसे ट्रांसफर किए गए थे। आरोपियों की गतिविधियों से संबंधित बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई शुरू की गई है। साथ ही धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल हो रही वेबसाइट के मालिक व उसके संचालन स्थान की पहचान की जा रही है।

किराये के फ्लैट से चलाते थे काला कारोबार
एसएसओसी के एआईजी अश्वनी कपूर ने बताया कि आरोपी मोहाली से ही सारा गिरोह चला रहे थे। इन्होंने सेक्टर-69 में किराये का एक फ्लैट ले रखा था। वहीं से यह सारा काला कारोबार चला रहे थे। आरोपी वहां पर इस तरह से अपना जीवन जी रहे थे कि इन पर कोई संदेह तक न कर सके। अब पुलिस उनके अन्य सहयोगियों की तलाश में जुट गई है।
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