हादसों से लेना होगा सबक
पीजी में जो हादसा हुआ है, वह दर्दनाक है। भविष्य में ऐसे हादसे न हों, इसके लिए सभी को तैयारी करनी होगी। विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थान शत प्रतिशत रहने की सुविधा दें और सुरक्षा भी प्रदान करें। - मुकेश कुमार, रिसर्च स्कॉलर पीयू
हॉस्टलों की संख्या बढ़ानी होगी
पीयू में हॉस्टल की संख्या 20 हैं और 21 नंबर बन रहा है। बाहरी छात्रों की संख्या अधिक है, ऐसे में हॉस्टलों की संख्या को और बढ़ाना होगा ताकि बाहर जाकर वह पीजी आदि का सहारा न लें। -गुरप्रीत सिंह, छात्र
कॉलेज छात्राओं को छात्रावास दें
बाहरी छात्राओं को रहने के लिए कॉलेजों में व विश्वविद्यालयों में रहने की पर्याप्त सुविधाएं देनी चाहिए। इस पर सभी कॉलेजों को ध्यान देना होगा और हादसों से सबक लेते हुए बेहतर कार्य करने होंगे।- वर्षा भारती, छात्रा पीयू
पात्रता को परखना होगा
पीयू में छात्रावास विद्यार्थियों को दिए जाते हैं, लेकिन इसकी प्रक्रिया कुछ धीमी है, इसे तेज करना होगा। साथ ही यह तय करना होगा कि जिनको छात्रावास मिल रहे हैं वह पात्र हैं या नहीं।- करणबीर सिंह, छात्र
सुरक्षा के इंतजाम को परखें
हॉस्टल यदि शत प्रतिशत विद्यार्थियों को मिल जाएं तो उन्हें बाहर नहीं जाना होगा। यदि बाहर विद्यार्थी पीजी ले रहे हैं तो उन्हें सुरक्षा के इंतजाम पहले देख लेने चाहिए। अपनी सुरक्षा खुद को करनी होगी।- लोहित सिंगला, छात्र
अभिभावक भी करें तहकीकात
कोई भी छात्र पीजी लेने जाएं तो पहले पीजी संचालकों से उनके प्रमाण पत्र देखें कि वह सही है या नहीं। सुरक्षा के इंतजाम आदि को देखना होगा। छात्राएं व परिजनों को खासकर तहकीकात करने की जरूरत है।- रूपसी, छात्रा
सुविधाएं परखनी होंगी
इस हादसे के बाद हॉस्टलों व पीजी की सुविधाओं को परखना होगा। जहां कमियां हैं उन्हें दुरुस्त करना होगा ताकि ऐसे हादसे न हों। विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थान हॉस्टल की सुविधाएं दें।- जशन, छात्रा