पटियाला की बड़ी नदी से मंगलवार शाम को बरामद शव की पहचान हो गई है। पुलिस के मुताबिक युवक का नाम नितिन (22) है और वह पटियाला के रतन नगर का रहने वाला था। नितिन भी साहिल व गोपी के साथ अंबाला के गांव मथेड़ी सेखां स्थित नशा छुड़ाओ केंद्र से ही भागा था।
बुधवार को शंकर डाइवर्स क्लब के गोताखोरों ने करीब दो घंटे बड़ी नदी के डेढ़ किलोमीटर एरिया में तलाशी अभियान चलाया। दलदल ज्यादा होने के कारण फिलहाल कोई बरामदगी नहीं हो सकी है। क्लब के प्रधान शंकर भारद्वाज के मुताबिक गुरुवार को फिर से कोशिश की जाएगी। आशंका है कि नशा छुड़ाओ केंद्र से गोपी, साहिल व नितिन के साथ भागे बाकी दो युवकों के शव भी नदी में हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सोमवार शाम को पांच युवक भाग रहे थे और तीन गाड़ियों में सवार लोग उनका पीछा कर रहे थे। भागते-भागते इन युवकों ने बचने के लिए घलौड़ी गेट के नजदीक बड़ी नदी में छलांग लगा दी थी। उक्त गाड़ियां अंबाला के नशा छुड़ाओ केंद्र की थीं।
थाना कोतवाली से जांच अधिकारी अजायब सिंह ने बताया कि फिलहाल इस मामले में नशा छुड़ाओ केंद्र के सुपरवाइजर विजय उर्फ विक्की, काका, सैमी व मोहित वर्मा की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। सभी आरोपी केंद्र को बंद करके फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पहले दिन पटियाला के धीरू नगर के रहने वाले जिन दो युवकों साहिल व गोपी के शव मिले थे, उनके परिजनों ने केंद्र के मुलाजिमों पर बच्चों से मारपीट करने व ऊपर से पूरा खाना न देने का आरोप लगाया है।
एफआईआर में पटियाला के धीरू नगर के रहने वाले पंकज नाम के व्यक्ति को भी नामजद किया गया है। इसी ने गोपी व साहिल को अंबाला के उक्त नशा छुड़ाओ केंद्र में दाखिल कराया था। यह सब उसने किसी कमीशन के लालच में किया था या कोई और कारण है, इस संबंध में जांच के बाद ही पता चलेगा।