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ये युवा हैं खास, पीयू में चल रहे 400 से अधिक शोध प्रस्तावों को बढ़ाने में दिन-रात कर रहे हैं काम

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चंडीगढ़। पीयू में चल रहे 400 से अधिक शोध प्रस्तावों को आगे बढ़ाने का काम युवा शोधार्थी कर रहे हैं। वे दिन-रात शोध में जुटे हैं। उनके शोध परिणाम दो से पांच साल में सामने आएंगे जो मानव जीवन को आसान बनाएंगे। पीयू युवाओं को तेजी से आगे बढ़ाने का काम कर रही है। उसी हिसाब से युवा भी हिस्सेदारी कर रहे हैं। युवाओं का कहना है कि बिना शोध के भी कई क्षेत्रों में नौकरियां हैं, लेकिन शोध के जरिए ही वे अपना कॅरिअर बनाना चाहते हैं। उनका कहना है कि शोध के बिना किसी निर्णय तक नहीं पहुंचा जा सकता।
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पीयू में विद्यार्थियों की संख्या 16 हजार से अधिक है। परास्नातक करने के बाद तमाम युवा दूसरे क्षेत्रों में नौकरी के लिए आवेदन करते हैं। कुछ आगामी पढ़ाई के लिए आवेदन करते हैं। पीयू इन युवाओं को शोध के क्षेत्र में आने के लिए शोध प्रवेश परीक्षा आयोजित करती है। इसमें तमाम युवा आना चाहते हैं, लेकिन हर किसी का दाखिला आसानी से नहीं हो पाता। विज्ञान से लेकर कला क्षेत्र में शोध के अवसर हैं। पीयू का लक्ष्य है कि युवाओं से ऐसे शोध प्रस्तावों पर काम करवाया जाए ताकि वह शोध समाज के काम आ सकें। उसके लिए विभागवार सूची बन रही है।
क्या कहते हैं शोधार्थी
शोध मेरा जुनून
फोटो-
शोध का जुनून शुरू से ही है। स्नातक की पढ़ाई के दौरान ही सोच लिया था कि शोध के जरिए कॅरिअर बनाना है। शोध में आनंद आता है। यह मेरा पसंदीदा विषय है।
- परविंदर सिंह कटोरा, शोधार्थी पंजाबी विभाग
शोध के जरिए नई चीजों का लगता है पता
शोध करने के बाद कई क्षेत्रों में नौकरी के अवसर मिलते हैं। इसलिए इस क्षेत्र को चुना है। शोध के जरिए वह चीजें पता लगती हैं, जो किसी को पता नहीं होती।
- जगमीत सिंह, शोधार्थी, गांधीयन स्टडीज विभाग
खोज करनी थी, इसलिए शोध में जुटे
स्कूल स्तर से ही पढ़ते आ रहे हैं कि किसी चीज की खोज किसने की। जिज्ञासा थी कि हम भी खोज करेंगे और उसी को रखते हुए आज शोध कार्य में जुट गया।
- नरिंदर शर्मा, शोधार्थी इतिहास विभाग
कॅरिअर में ग्रोथ, इसलिए कर रहे शोध
कॅरिअर बनाने के लिए शोध के क्षेत्र से जुड़े हैं। शोध करने के बाद शिक्षक बनने के रास्ते खुलते हैं। इसके अलावा कई क्षेत्र वैज्ञानिकों की भर्तियां शोध के आधार पर करते हैं।
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- सचिन कनिया, शोधार्थी भूविज्ञान विभाग
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