चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 के एमडी-एमएस प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव में कोई संशोधन नहीं किया जाएगा। यूटी प्रशासन ने कहा है कि तय समय पर ही 16 अगस्त को काउंसलिंग होगी। वहीं, दूसरी तरफ मानकों में बदलाव का विरोध करने वाले छात्रों ने जीएमसीएच 32 की डायरेक्टर प्रिंसिपल से अनुरोध किया है कि काउंसलिंग की समय सीमा बढ़ाई जाए ताकि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की सुनवाई के चलते काउंसलिंग की प्रक्रिया प्रभावित न हो। छात्रों का कहना है कि जब काउंसलिंग प्रक्रिया हाईकोर्ट में विचाराधीन है तो काउंसलिंग कराना अव्यावहारिक है।शुक्रवार को चंडीगढ़ प्रशासन, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग ने एमडी/एमएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव के खिलाफ छात्रों के प्रतिनिधियों को साफ कह दिया है कि चंडीगढ़ प्रशासन दाखिले के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया में किए बदलावों पर कायम रहेगा।
आदेशों के अनुसार, जीएमसीएच-32 चंडीगढ़ में एमडी/एमएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया और आदेश क्रम संख्या के 4546/ई- 334776/एफ-|आई (जीएमसीएच)/2023/11254 के अनुसार लागू रहेंगे, जिसे 4 अगस्त, 2023 को चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से प्रॉस्पेक्टस में शामिल किया गया है।
जीएमसीएच-32 में एमडी/एमएस पाठ्यक्रमों के लिए काउंसलिंग 16 अगस्त को होगी। जीएमसीएच की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार पात्र उम्मीदवारों की सूची 14 अगस्त को वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएगी। पहली काउंसलिंग 16 अगस्त और दूसरी 4 सितंबर को होगी। तीसरी काउंसलिंग 25 सितंबर को तय है।
दूसरी तरफ ओर प्रक्रिया में बदलाव पर सवाल उठाने वाली एक याचिका पर वीरवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन से जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने जवाब के लिए 16 अगस्त की समय सीमा भी तय की है, लेकिन काउंसलिंग पर कोई रोक नहीं लगाई गई है इसलिए उसी दिन तय समय के अनुसार पहली काउंसलिंग होगी।