गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल सेक्टर- 32(जीएमसीएच) चंडीगढ़ के चिकित्सकों व स्टाफ के पास अपनी सुरक्षा के लिए पर्सनल प्रोटेक्ट इक्यूपमेंट (पीपीई) पूरे नहीं हैं। कोरोना कहर बरपा रहा है। स्थिति भयावह होती जा रही है। ऐसे में एक चिकित्सक ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करमदद मांगी है। यह पोस्ट पढ़ते ही सिंगापुर व अमेरिका में रिसर्च कर रहे एलुमनी ने फंड की व्यवस्था की और सभी पीपीई की व्यवस्था कर दी। यह सामान मंगलवार तक कॉलेज के पास पहुंचेगा।
फंड इकट्ठा करने के लिए डॉ. साहिल व डॉ. रोहन ने लगा दी जी जान
पूरी दुनिया में इस समय डॉक्टरों व उनके साथ काम करने वाले स्टाफ की सुरक्षा बहुत जरूरी है, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम पूरे नहीं हो पा रहे हैं। अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के डॉक्टरों के पास एन- 95 मास्क तक नहीं हैं। स्थिति भयावह है। ऐसे में इंडिया के हॉस्पिटल भी अपने-अपने चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए इंतजाम कर रहे हैं। जीएमसीएच के चिकित्सकों के पास भी इंतजाम पूरे नहीं हैं। आखिर वह खुद की सुरक्षा कर ही तो कोरोना के मरीजों को देख पाएंगे।
कॉलेज के डॉ. दिनेश ने सोशल मीडिया पर 27 मार्च को पोस्ट किया। उसमें पीपीई की गहन जरूरत बताई। यह पोस्ट सिंगापुर में रिसर्च फेलो डॉ. साहिल ठाकुर ने पढ़ी। उनसे रहा नहीं गया और उन्होंने ठाना कि इस समय कॉलेज के लिए काम करने का समय है। उन्होंने जीएमसीएच से ही पढ़े डॉ. रोहन बीर सिंह धालीवाल से संपर्क किया। वह भी अमेरिका में रिसर्च फेलो हैं। दोनों ने उसी दिन से जी जान लगा दी और अलग-अलग वेबसाइट बनाकर लोगों से मदद मांगी।