चंडीगढ़। कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में पेड़ गिरने की सूचना मिलते ही अभिभावकों में हड़कंप मच गया। अभिभावक स्कूल गेट के बाहर एकत्रित होना शुरू हो गए। स्कूल में एनएसएस की लड़कियों ने सुरक्षाकर्मियों के साथ व्यवस्था का मोर्चा संभाला और स्कूल का मुख्य द्वार बंद कर दिया। अभिभावक डेढ़ घंटे तक स्कूल गेट के बाहर रोते रहे और सभी कक्षा के बच्चों की हाजिरी अपडेट करने की मांग करते रहे लेकिन अभिभावकों को एनएसएस की छात्राएं और एक शिक्षिका बस सांत्वना दे दे रही थीं कि उनके बच्चे सुरक्षित हैं। सभी बच्चे अपनी-अपनी कक्षाओं में हैं। कुछ बच्चों को चोट लगी है, उन्हें स्कूल की तरफ से अस्पताल में इलाज के लिए भेज दिया गया है। अभिभावकों का हुजूम लगने के बाद बच्चों की छुट्टी कर उन्हें क्रमबद्ध तरीके से उनके साथ भेजा गया।
अभिभावकों के ग्रुप से मिली हादसे की सूचना
स्कूल के बाहर खड़े नर्सरी में पढ़ने वाली एक बच्ची के पिता ने बताया कि अभिभावकों के ग्रुप से उन्हें स्कूल में हादसे की सूचना मिली। ग्रुप में चल रहा था कि एक बच्चे की मौत हो गई है। अभी स्कूल की तरफ से बच्चों से जुड़ी कोई भी सूचना अभिभावकों को नहीं दी गई है। स्कूल शिक्षिका को बोल रहे हैं कि बच्चों की हाजिरी उपलब्ध करवा दी जाए जिससे पता चल जाए हमारा बच्चा सुरक्षित है या नहीं।
भागकर बच्चों को टहनियों के नीचे से निकाला
कक्षा 9 की छात्रा ने बताया कि वे जहां पेड़ गिरा उसके सामने की तरफ छाया में बैठकर खाना खा रहे थे। जैसे ही देखा कि पेड़ गिरा है, वह दूसरे बच्चों के साथ भागकर गए और बच्चों की टहनियों के नीचे से निकालने में मदद की। थोड़ी देर में एंबुलेंस और पुलिस भी वहां आ गई थी और बच्चों को कक्षाओं में भेज दिया गया। कक्षा में जाकर पता चला कि घायल बच्चों में उनकी दो सहपाठी और सहेलियां सना और गीताजंलि भी शामिल हैं।
एनएसएस स्वयंसेवक लड़कियों ने संभाला सुरक्षा मोर्चा
स्कूल में हादसा होने के समय से लेकर सभी बच्चों को सुरक्षित अभिभावकों के हवाले करने तक की सभी जिम्मेदारी एनएसएस स्वयंसेवक लड़कियों ने संभाली। पेड़ गिरने के बाद स्वयंसेवक छात्राओं ने टहनियों के नीचे से घायल लड़कियों को निकाला। इसके बाद शिक्षकों और स्टाफ की मदद से उनका फर्स्ट एड किया और उन्हें एंबुलेंस तक छोड़ा। मुख्य द्वार पर जैसे ही अभिभावक और आसपास के लोगों की भीड़ लगने लगी, स्वयंसेवकों ने गेट बंद करवाया और अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि उनके बच्चों को कुछ समय में सुरक्षित उनके हवाले कर दिया जाएगा। बस कुछ समय इंतजार करें ताकि अंदर के हालातों को कंट्रोल कर लिया जाए।
खाना खाते समय देखा- तेज आवाज के साथ गिरा पेड़
कक्षा दो की बच्ची ने बताया कि जहां हादसा हुआ, उसकी बाएं तरफ बैठकर खाना खा रही थी। उसने तभी देखा कि तेज आवाज के साथ पेड़ को गिरते हुए देखा। काफी बच्चे नीचे बैठे हुए थे। तभी वहां बहुत सारे बच्चे और शिक्षक आ गए। शिक्षकों ने उन्हें कक्षा में भेज दिया और कहा कि कुछ नहीं हुआ है, सब ठीक है।
कक्षा के अंदर रोक, हमेशा बाहर बैठकर ही लंच करते हैं बच्चे
कक्षा-5 की छात्रा घबराई हुई रोते हुए अपने पापा के साथ स्कूल से बाहर आ रही थी। छात्रा ने बताया कि उसे डर लग रहा है। सहमी बच्ची के पिता ने बताया कि कक्षा के अंदर बैठकर खाना खाने पर रोक है। अगर बच्चे की तबीयत खराब है या चोट लगी है तो ही वह कक्षा में बैठकर खाना खा सकते हैं अन्यथा बच्चे बाहर ही छाया ढूंढकर मैदान में खुले में खाना खाते हैं।