अब आस्ट्रेलिया जाने की तैयारी
आईलेट्स की ट्रेनिंग ले रही किरणजीत कौर का कहना है कि वह कनाडा के ओटावा स्थित एलगोनक्विन कॉलेज में स्टडी के लिए जाना चाहती थीं, जोकि सरकारी कॉलेज है, लेकिन कनाडा के मौजूदा हालात से अब ऑस्ट्रेलिया जाने की तैयारी शुरू की है। किरणजीत कौर का कहना है कि उसको कनाडा और भारत के बीच राजनयिक तनाव के बारे में जानकारी है आगे क्या होगा, कुछ पता नहीं है।
एयर कारपोरेट के एमडी रमन कुमार का कहना है कि कनाडा की अर्थव्यवस्था अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर निर्भर है। वहां पहले से ही मंदी है। लोगों को काम नहीं मिल रहा है, खर्च बढ़ गए हैं। अब तनाव बढ़ गया है, इसलिए इसका असर छात्रों पर ज्यादा पड़ेगा। अब विद्यार्थी यूके व ऑस्ट्रेलिया के बारे में ज्यादा पूछताछ कर रहे हैं।
छात्रों की पहली पसंद था कनाडा
बैंचमार्क इमिग्रेशन के परमप्रीत सिंह का कहना है कि 2022 में करीब 7.5 लाख भारतीय छात्र पढ़ाई के लिए विदेश गए, 2022 में 2,26,450 भारतीय छात्र कनाडा में पढ़ाई करने पहुंचे तो दूसरे नंबर पर स्टूडेंट्स की पसंद अमेरिका बना। यूएस में 1,99,182 भारतीय छात्रों ने एडमिशन लिया। छात्रों की संख्या के मामले में ब्रिटेन तीसरे नंबर पर रहा। यूके ने 1.4 लाख भारतीय छात्रों को स्टूडेंट वीजा जारी किया, लेकिन अगले साल तस्वीर बदलने वाली है। अब विद्यार्थी कनाडा के बारे में ज्यादा जानकारी हासिल नहीं कर रहे हैं, वह ऑस्ट्रेलिया में अधिक रुचि ले रहे हैं।
बारहवीं के साथ-साथ आइलेट्स कर रहे राजन का कहना है कि उसके तमाम रिश्तेदार व काफी साथी कनाडा में जाकर स्टडी कर रहे हैं। वहां पर पीआर लेना आसान है लेकिन मौजूदा स्थिति ने हिलाकर रख दिया है। जिस तरह से वहां हत्याएं हो रही हैं, नशा फैल रहा है, वह काफी चिंतित करने वाला है। वहां पर गैंगवार, चोरी की घटनाओं में पंजाबी समुदाय की शमुलियत ने काफी नुकसान किया है और अब कनाडा व भारत के बीच तनाव की स्थिति का क्या परिणाम होगा कुछ पता नहीं है। इसलिए कनाडा के स्थान पर यूके जाने की तैयारी करनी शुरू कर दी है। न्यू इमेज की एमडी पूजा का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में ट्रेंड में बदलाव आया है। कनाडा के नाम से परिवार भी काफी खौफजदा है। विद्यार्थियों की पहली पसंद कनाडा था लेकिन अब 40 फीसदी विद्यार्थी कनाडा का नाम नहीं सुनना चाहते।