चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में ठेका कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के 55वें दिन शुक्रवार को परिवार के सदस्य और बच्चे भी वीसी दफ्तर के बाहर एकजुट हुए। बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर अपने-अपने पिता को नौकरी पर वापस रखने की मांग उठाई। विरोध प्रदर्शन में छात्र, शोधकर्ता, वकील, किसान संघ, व्यापार संघ इत्यादि के सदस्य शामिल हुए। सभी ने पीयू अधिकारियों के असंवेदनशील और अमानवीय व्यवहार की निंदा की और सभी बर्खास्त पीयू कर्मचारियों की बहाली की मांग की। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के सदस्य साजन सिंह और रविंदर सिंह ने कहा कि अगर पीयू अधिकारी इस मुद्दे का समाधान नहीं करते हैं, तो वे अपने बैनरों के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे।
विरोध प्रदर्शन का संचालन कर रहे एसएफएस महासचिव गगनदीप ने कहा कि पीयू प्रशासन पंजाब यूनिवर्सिटी में नवउदारवादी नीतियों को लागू कर रहा है, इसलिए आक्रामक तरीके से अनुबंध प्रणाली पर भर्ती कर रहा है, चाहे वह शिक्षकों का मामला हो या कर्मचारियों का। ठेकेदार पीयू अधिकारियों के साथ मिलकर पीयू कर्मियों को परेशान और शोषण करते हैं। पीयू भर्ती में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और पक्षपात है, इसे तुरंत खत्म किया जाना चाहिए। इसलिए हमारी मांग है कि सभी भर्तियां नियमित और स्थायी की जाएं।