ट्रांसफार्मर चोरी होने की सबसे बड़ी वजह इसमें भरा जाने वाला तेल है। जानकारों के अनुसार इस तेल से जोड़ों के दर्द को दूर करने वाली दवा बनाई जाती है। नीम-हकीम से लेकर सड़क किनारे जड़ी बूटी बेचने वालों के लिए ट्रांसफार्मर का तेल काफी मायने रखता है। ट्रांसफार्मर का तेल चुराने वाले इसे इन्हीं नीम-हकीमों से लेकर जड़ी-बूटी बनाने वालों तक पहुंचा रहे हैं।
एक ट्रांसफार्मर में 90 लीटर आता है तेल
नलकूप संयोजन के लिए नए विद्युत ट्रांसफार्मर में 90 लीटर तेल भरा जाता है। एक लीटर तेल की कीमत बाजार में 100-120 रुपये लीटर है। ऐसे में एक ट्रांसफार्मर में 10800 रुपये का तेल आता है, जिसको चोर बेचकर विभाग को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं।
ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाएं गंभीर समस्या है। इससे पावरकॉम को करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। साथ ही किसानों को सिंचाई में परेशानी हो रही है। पुलिस को चोरी की वारदात की सूचनाएं दी जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई पुलिस की ओर से नहीं की गई है। - दलजीत इंद्रपाल सिंह ग्रेवाल, निदेशक (डी) पावरकॉम