थिएटर फॉर थिएटर द्वारा 15 विंटर नेशनल थियेटर फेस्टिवल का आगाज बाल भवन चंडीगढ़ में बुधवार से किया जाएगा। थियेटर फार थियेटर के प्रेसीडेंट मदन गुप्ता सपाटू ने पंजाब कला भवन में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान यह जानकारी दी। इस मौके पर थियेटर फार थियेटर के निदेशक सुदेश शर्मा भी मौजूद थे। इसमें कई रंगकर्मियों ने शिरकत की। यह फेस्टिवल 29 जनवरी से 27 फरवरी तक चलेगा। बुधवार को नाटक ‘कल तारण गुरु नानक आया’ के मंचन से होगा।
इस फेस्टिवल के दौरान कला से संबंधित गतिविधियों जैसे नाटकों, एग्जिबिशन, वर्कशॉप की पूरी जानकारी दी। सुदेश शर्मा ने बताया कि यहां वायस माड्यूलेशन के साथ स्टेज एंकरिंग के गुर भी सिखाया जाएगा। इसको सर्वप्रिय निर्मोही वर्कशाप करेंगे। इसके साथ ही विजुअल आर्ट की ट्रेनिंग साधना सेंगर, पपेट कला में माहिर शुभाशीष नियोगी, जाने-माने रंगकर्मी और वॉयस एक्सपर्ट अनूप शर्मा, क्लासिकल नृत्य एक्सपर्ट अमित गंगानी, संगीत गुरु विनोद पवार, प्ले ओरिएंटेड वर्कशॉप के निर्देशक सौरभ शर्मा और अभिषेक शर्मा के साथ सुषमा गांधी करेंगी।
टीएफटी विंटर फेस्ट का आगाज 29 जनवरी को थिएटर फार थियेटर द्वारा सुदेश शर्मा के डायरेक्ट किए गए नाटक ‘कल तारण गुरु नानक आया’ के मंचन से होगा। 30 जनवरी को सात्विक आर्ट सोसायटी के सरवर अली और अमित सनौरिया द्वारा डायरेक्ट नाटक ‘कांट प्ले वांट’ प्ले का मंचन होगा। 31 जनवरी को कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
1 फरवरी को लूना नाटक, 2 को श्री राम बिजोय का मंचन, 3 को नाटक ‘आला अफसर’, 4 को प्यार की एक्सट्रा क्लास नाटक का मंचन किया जाएगा। 5 फरवरी को अतुल यादवंशी के निर्देशित नाटक ‘बूढ़ी काकी’, 6 को रमन मित्तल का डायरेक्टर किया गया ‘मुखौटा नामचा’, 7 को दो शॉर्ट फिल्मों की स्क्रीनिंग, 8 को जसप्रीत सिंह का डायरेक्टर किया नाटक ‘खामोश अदालत जारी है’ का मंचन होगा।
9 को बलवंत ठाकुर का लिखा नाटक ‘महाभोज’, 10 को कीर्ति किरपाल का डायरेक्ट किया गया ‘पूरन’ नाटक, 11 को संजय उपाध्याय के निर्देशित नीलकंठ निराला और 12 को परविंदर का निर्देशित नाटक ‘थोड़ा-थोड़ा गांधी’ नाटक का मंचन होगा।
13 को मनोज शर्मा का लिखा नाटक ‘मार पराजय’, 14 को अभिनव ग्रोवर का निर्देशित नाटक ‘तुगलक’, 15 को बनिंदर जीत सिंह का निर्देशित नाटक ‘हुंण मैं सेट हां’, 16 को अभिषेक भारती और आदित्य भारती के निर्देशित ‘उरुभंगम’ नाटक का मंचन किया जाएगा। 17 को म्यूजिकल कंसर्ट, 18 को ‘लम्हो की मुलाकात’ कार्यक्त्रस्म, 19 को साजिदा का लिखा नाटक ‘पाश्मीना’, 20 को जितेन सिंह का डायरेक्ट डांस ड्रामा गांधारी, 21 को अमृता प्रीतम पर आधारित अग्ग की एक बात है, 22 फरवरी को डाक्यूमेंट्री फिल्म की स्क्रीनिंग और अवार्ड समारोह का आयोजन किया जाएगा।
23 को नौग्रा का तामशा का मंचन, 24 को अरविंद सिंह का निर्देशित सीधियां नाटक, 25 को कहानियों का मंचन, 26 को सुदेश शर्मा का निर्देशित नाटक कोर्ट मार्शल और 27 फरवरी को कल तारण गुरुनानक आया का मंचन होगा। इस फेस्टिवल के दौरान युवा रंगकर्मी सरवर अली और अमित सनोरिया रस एवं भाव, चैनीस गिल संगीत ,अनीता शब्दीश स्पीच वर्क और मूड, सुजीत बरुआ मास्क मेकिंग, नरेंद्र नीना पंजाब की मार्शल आर्ट गतका , गुरप्रीत सिंह प्लाहा फोक डांस और दिग्गज रंगकर्मी अशोक सागर भगत युवाओं को लाइट डिजाइनिंग के गुर सिखाएंगे।
यह होंगे खास
चंडीगढ़ में बिहार के नाटककार संजय उपाध्याय अपना खास नाटक लेकर आएंगे। उनके साथ ही मणिपुर से ज्वाय मेंशन और असम से नाटककार अंकित बरुआ और जम्मू-कश्मीर से बलवंत ठाकुर और मुश्ताक काक यहां अपने नाटकों को लेकर आ रहे हैं।
तीस दिन होगी कार्यशाला
चंडीगढ़ में होने वाले इस थियेटर फेस्टिवल के दौरान तीस दिन लगातार कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यशाला में एनएसडी के प्रोफेसर अशोक सागर भगत, मास्क थियेटर की कार्यशाला के लिए असम से अरविंदो बरुआ आएंगे।
तीस नाटककार और लेखकों से होंगे रूबरू
थियेटर फेस्टिवल के दौरान तीस दिन लगातार नाटककारों और लेखकों के साथ रूबरू होकर चर्चा की जाएगी। इसमें नाटककारों के जीवन और उनके अथक परिश्रम के बारे में जानकारी मिल सकेगी। नाटककारों और लेखकों से रूबरू होने के दौरान साहित्य अकादमी की ओर से सम्मानित प्रोफेसर कृपाल कजाक, प्रोफेसर सतीश वर्मा, प्रोफेसर अशोक सागर भगत और एडिशनल मुख्य सचिव विजय वर्धन पहुंचेंगे।