मनीमाजरा। पंचकूला से सटे चंडीगढ़ के मौलीजागरां गांव में नशा तस्करों के खिलाफ आवाज उठाना वाले वार्ड नंबर-8 के पार्षद हरजीत सिंह को भारी पड़ता नजर आ रहा है। उनके द्वारा नशे के कारोबार के विरोध और पुलिस व प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग करने के बाद से उनके गांव में लगातार तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आ रही हैं। बीते दो महीने में तीन बार गांव की गलियों में खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़े जा चुके हैं। ताजा घटना रविवार तड़के करीब 2:30 बजे की है। तीन-चार युवकों ने पार्षद की फॉर्च्यूनर गाड़ी समेत करीब 8 अन्य गाड़ियों के शीशे पत्थर मारकर तोड़ दिए। इसमें स्कॉर्पियों, सिया, स्विफ्ट डीजायर, दो आल्टो और तीन छोटे हाथी गाड़िया हैं। पार्षद हरजीत सिंह के अनुसार रविवार रात गुग्गा बाबा मंदिर के सामने गली में खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाया गया। आरोपियों ने उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी के ऊपर चढ़कर आगे और पीछे के शीशे तोड़े। इससे पहले भी दो घटनाओं में गाड़ियों के शीशे तोड़े जा चुके हैं जबकि एक बार गलियों में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी क्षतिग्रस्त किया गया था।
पार्षद हरजीत सिंह का कहना है कि उन्होंने गांव में और आसपास के इलाकों में खुलेआम बिक रहे नशे के खिलाफ लगातार आवाज उठाई है। इस संबंध में वह चंडीगढ़ के प्रशासक से लेकर एसएसपी से मिल चुके हैं। पार्षद के मुताबिक जब प्रशासक को मिले थे तो उन्होंने एसएसपी को फोन कर मौलीजागरां इलाके में रात के समय 30-40 पुलिसकर्मियों की टीम लगाकर पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए थे। उसके बाद जब वह एसएसपी से मिले तो उन्होंने आश्वसन दिया था कि यह व्यवस्था हो जाएगी जबकि हुआ कुछ नहीं और फिर रविवार को तोड़फोड़ की घटना हो गई। पार्षद हरजीत सिंह फिर सोमवार को आईजी मिले पुष्पेंद्र कुमार से मिले और तुरंत सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करके आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन दिया है।
पार्षद का आरोप है कि बॉर्डर एरिया होने के बावजूद मौली गांव में रात की पेट्रोलिंग है नहीं। नतीजतन नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं। बार-बार हो रही तोड़फोड़ की घटनाओं से न पूरा गांव दहशत में है।