चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय ने शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के लिए बैठकें करना और नियम बनाने का काम शुरू कर दिया है, लेकिन इस पर अंतिम मुहर सीनेट व सिंडिकेट के जरिए ही लगेगी। पीयू को बड़ी संख्या में शिक्षकों की आवश्यकता है।
पीयू में छात्रों की संख्या 16 हजार से अधिक हैं, लेकिन इन्हें पढ़ाने के लिए नियमित 650 ही शिक्षक हैं। यह संख्या काफी कम है। हालांकि काम चलाने के लिए अतिथि संकाय रखा गया, लेकिन गुणवत्तायुक्त शिक्षा की बात इन सभी के जरिए नहीं हो सकती। दो साल पहले पीयू ने 26 असिस्टेंट प्रोफेसरों की रिक्तियां निकालीं। आवेदन भी पीयू को एक हजार से अधिक मिल गए, लेकिन घमासान हो गया और आखिरकार इन रिक्तियों पर रोक लगा दी गई। सिंडिकेट ने अड़ंगा लगाया था।
कमेटियों के जरिए पीयू रिक्तियों का रास्ता कर रही साफ
सूत्रों का कहना है कि अब पीयू कमेटियों के जरिए रिक्तियों का रास्ता साफ कर रहा है। सवाल यह भी खड़ा है कि भर्तियों के लिए पुराने आवेदनों को मान्य किया जाएगा या नहीं। यह भी कहा जा रहा है कि रिक्तियों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।