सिविल डिफेंस की ट्रेनिंग लेने वाला तीसरा बैच तैयार हो गया है। महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान में शनिवार को ट्रेनिंग लेने वालों का कार्यक्रम किया गया। तीन अलग-अलग बैच को मिलाकर 375 लोगों को सिविल डिफेंस की ट्रेनिंग दी गई है। इनको आपदा प्रबंधन की ट्रेनिंग दी गई है।
हाल ही में भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान शहर में सिविल डिफेंस की ट्रेनिंग के लिए कैंप का आयोजन किया गया था। उसमें करीब 5 हजार से ज्यादा लोग पहुंच गए थे। उसके बाद चंडीगढ़ के 1600 लोगों का चयन ट्रेनिंग के लिए किया गया था। उसमें 375 लोगों को तीन अलग-अलग बैच में ट्रेनिंग दी गई है।
इस दौरान चंडीमंदिर कैंटोनमेंट का फील्ड विजिट भी कराया गया। यहां सिविल डिफेंस की ट्रेनिंग करने वालों ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के मार्गदर्शन में मॉक ड्रिल्स और आपातकालीन अभ्यासों में भाग लिया। ये अभ्यास प्राकृतिक आपदाओं, अग्निकांडों में बचाव पर आधारित था। चंडीगढ़ के डीसी निशांत कुमार यादव ने इस अवसर पर कहा कि यह पहल प्रशासन की उस दूरदर्शिता को दर्शाती है जिसमें शासन केवल प्रबंधन तक सीमित नहीं, बल्कि नागरिकों को भीतर से सशक्त बनाने पर आधारित है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से हमने ऐसे नागरिक स्वयंसेवकों की एक नई पीढ़ी तैयार की है जो प्रशिक्षित ही नहीं, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में अग्रिम पंक्ति में खड़े होने के लिए प्रतिबद्ध भी हैं।