चंडीगढ़। सेक्टर 16 के पंजाब कला भवन में वीरवार को नाटक टेररिस्ट की प्रेमिका का मंचन किया गया। नाटक का लेखन पाली भूपिंदर सिंह ने किया है और इसका निर्देशन अभिषेक तिवारी ने किया। नाटक में महिला का प्यार और नफरत को दिखाया गया। इसमें चार कलाकार सावन रूपोवाली, उत्कर्ष सिंह, मयंक श्रीवास्तव और वसंत सागर ने अभिनय किया।
नाटक की शुरुआत डीएसपी के बंगले पर शाम में एक टेररिस्ट के आने से होती है। डीएसपी अपनी पत्नी के साथ टेररिस्ट के एरिया में रहते हैं। चार महीने पहले शादी हुई है। डीएसपी ड्यूटी पर जाता है और शाम में टेररिस्ट उसके बंगले पर आता है। वह डीएसपी को मारने आता है, लेकिन सफल नहीं होता।
डीएसपी की पत्नी अनीत टेररिस्ट से पूछती है कि क्या वह डीएसपी का दोस्त है। टेररिस्ट कहता है कि नहीं, वह डीएसपी को मारने आया है। वह बताता है कि डीएसपी ने उसकी प्रेमिका को सताया जिससे उसने आत्महत्या कर ली। अनीत अपनी पति की रक्षा करती है और कहती है कि कानून से लड़ाई लड़ो। टेररिस्ट अपने अतीत को साझा करता है। वह कहता है कि प्रेमिका की याद में योगी बन गया लेकिन अखबार में मेरी मौत की खबर छपी और 10 लाख रुपये का इनाम भी डीएसपी ने लिया।
अनीत हल्दी वाले दूध में जहर मिला देती है लेकिन टेररिस्ट नहीं पीता। इसके बाद दोनों में हाथापाई होती है। टेररिस्ट अनीत के सिर पर वार करता है और वह बेहोश हो जाती है। इसके बाद टेररिस्ट वहां से भाग जाता है। इसी दौरान अनीत का डीएसपी पति आता है और उसे पत्नी पर शक होता है। दोनों में विवाद होता है और अंत में अनीत डीएसपी को मार देती है।