चंडीगढ़। 180 शिक्षकों को नौकरी से हटाने के विरोध में सेक्टर-4 स्थित एमएलए हॉस्टल के सामने मोबाइल टावर पर चढ़े शिक्षक को एक महीने बाद सोमवार को नीचे उतारा गया। मौके पर पहुंचे शिक्षा मंत्री प्रगट सिंह ने मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया तो सोहन सिंह नीचे उतरे।
प्रशासन ने उन्हें एंबुलेंस से इलाज के लिए अस्पताल लेकर जाने की योजना बनाई थी, लेकिन परिजन मना करते हुए उन्हें कार से सीधा घर ले गए। इस दौरान सोहन सिंह का भाई, उनकी पत्नी, बेेटा और पत्नी का भाई व अन्य शिक्षक मौजूद रहे। सोहन सिंह ने जाते हुए कहा कि वह जंग जीत चुके हैं, बस एलान होना बाकी है। उन्होंने कहा कि मरना मंजूर है, लेकिन हारना नहीं। सोहन सिंह 27 नवंबर को सुबह करीब 4 बजे टावर पर चढ़े थे।
सोहन सिंह ने बताया कि उन्हें शिक्षा मंत्री प्रगट सिंह ने भरोसा दिया है कि उनकी मांग को पूरा किया जाएगा। फाइल भी आगे बढ़ा दी गई है। उनके आश्वासन के बाद ही वह नीचे उतरे हैं। फिर भी उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तो उनके पास आत्महत्या के अलावा ओर कोई रास्ता नहीं बचेगा। वहीं बेटे ने कहा कि एक महीने बाद पिता से मिलने पर बहुत खुशी हो रही है।
सोहन सिंह को उतारने से पहले शिक्षा मंत्री ने उनसे मोबाइल पर बात की। सोहन ने पहले उनसे मांग पूरी करने का भरोसा लिया। इसके बाद वह नीचे आने के लिए तैयार हुए। नीचे उतरने के बाद प्रगट सिंह ने सोहन को गले लगाया और जूस पीने को दिया। सोहन सिंह पत्नी कुलदीप कौर, बेटा गुरगेविन, अपने भाई मोहन सिंह और कुलदीप के भाई अमनदीप सिंह के साथ गाड़ी में बैठकर चले गए। गाड़ी पर किसान यूनियन का झंडा लगा हुआ था।
‘अकारण शिक्षकों का वेतन कम करना गलत’
टीचर यूनियन के प्रधान कमल ठाकुर ने बताया कि 2016 में 4500 शिक्षकों की भर्ती हुई थी। पांच साल नौकरी करने के बाद बिना किसी कारण के 180 शिक्षकों का अचानक वेतन कम कर दिया गया। इस बारे में शिक्षा विभाग के सेक्रेटरी कृष्ण कुमार से वे कई बार मिल चुके हैं, लेकिन वे उनसे सही से बात करने को ही तैयार नहीं हैं। प्रगट सिंह खुद इस बात को मान रहे हैं कि विभाग की गलती के कारण शिक्षकों को निकाला गया। 180 शिक्षकों के वेतन पर दूसरे शिक्षकों को नौकरी पर रख लिया गया। कमल ने बताया कि उनकी फाइल वित्त विभाग में जा चुकी है।
पिता से मिलने के लिए बेटा लिफ्ट में चढ़ा, पुलिस ने उतारा
पंजाब ईटीटी टीचर यूनियन के प्रधान कमल ठाकुर के साथ सोहन का बेटा गुरगेविन भी हाइड्रोलिक मशीन की लिफ्ट में चढ़ गया। इस दौरान उन्हें किसी ने उन्हें नहीं रोका, लेकिन इस बीची सेक्टर-3 थाना प्रभारी शेर सिंह ने गुरगेविन को लिफ्ट में चढ़ा देखकर सुरक्षा के मद्देनजर उसे नीचे उतारने के लिए कहा। कमल ठाकुर के साथ लिफ्ट ऑपरेटर मौजूद था।
पत्नी बोलीं- शिक्षा मंत्री पर भरोसा, सरकार पर नहीं
पत्नी कुलदीप कौर ने कहा कि काफी महीनों से पति को हंसते हुए ही नहीं देखा। मेरे पति तो परेशानी में ही रहते हैं। उनका बेटा भी काफी परेशान है। एक महीने से पिता से मिलने के लिए तरस रहा था। मेरे पति किस तरह की नौकरी करते हैं और उन्हें किस तरह से संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने यह तक कह दिया कि उन्हें सरकार पर भरोसा नहीं है, लेकिन शिक्षा मंत्री प्रगट सिंह पर भरोसा है।
एलान करवाना भी जानता हूं : सोहन सिंह
सोहन सिंह ने कहा कि सरकार ने उस पर कर्ज चढ़ाकर उसके हकों पर डाका मारा है। शिक्षा मंत्री ने मांगें पूरी करने का भरोसा दिया है। शिक्षा मंत्री के अनुसार जंग मैं जीत चुका हूं। अब बस एलान होना बाकी है। वह अपनी यूनियन के साथ रहकर एलान करवाना जानते हैं। फिर भी कोई कसर रहती है तो आत्महत्या उनसे दूर नहीं है। वह हरहाल में एलान करवाकर ही रहेंगे।