ग्राम पंचायतों के कार्यकाल की अवधि को लेकर डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने स्थिति साफ की है। उन्होंने कहा कि जब तक आगामी पंचायत चुनाव नहीं होते तब तक पुरानी ग्राम पंचायतें काम करती रहेंगी। सरपंचों से न तो उनके थैले लिए जाएंगे और न ही उनके कामकाज में किसी प्रकार की बाधा आएगी। पंचायत कार्यों में ई-टेंडरिंग को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी उन्होंने विराम लगाया है। दुष्यंत ने कहा कि पंचायत विभाग की ओर से इस प्रकार के कोई आदेश नहीं हैं।
मंगलवार को जजपा कार्यालय में हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष दिलबाग सिंह गुराया की अगुवाई में मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल से दुष्यंत ने ये बातें कहीं। चौटाला ने कहा कि संशोधित पंचायती राज अनिधियम 2020 के तहत प्रदेश में ग्राम पंचायतों की पांच वर्ष की अवधि उस दिन से शुरू होगी, जिस दिन चुनी गई नई पंचायत के गठन की अधिसूचना प्रदेश निर्वाचन आयोग जारी करेगा।
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सरपंच-पंच सहित पूरी पंचायत उस दिन तक काम करती रहेंगी, जब तक ग्राम पंचायतों के चुनाव की तय समय पर घोषणा नहीं हो जाती। ग्राम पंचायत के गठन की अधिसूचना की तिथि से लेकर पांच वर्ष की अवधि पूरी होने से पहले न तो सरपंचों से उनका थैला लिया जाएगा और न ही पंचायते भंग होंगी।
डिप्टी सीएम ने कहा कि करोना के चलते प्रदेश में ग्राम पंचायतों के चुनाव करवाने का कोई इरादा नहीं है। सरकार का प्रयास है कि यदि हरियाणा में कोरोना पर काबू पा लिया जाता है तो ग्राम पंचायतों के चुनाव पांच वर्ष की समय अवधि पूरी होने पर जनवरी-फरवरी 2020-21 में ही करवाए जाएंगे।
यदि करोना पर काबू नहीं पाया जा सकता तो सरकार आगामी विकल्पों पर विचार करेगी। एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल में प्रदेशाध्यक्ष दिलबाग सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष सरपंच अशोक मलिक, कोषाध्यक्ष गुरदेव सिंह, राममेहर सिंह, रोहतास सिंह, आत्माराम, ब्लॉक समिति सदस्य सुल्तान सिंह जबाला, महेंद्र सिंह, ओमप्रकाश आदि शामिल रहे।