चंडीगढ़। घर पर एकांतवास में रह रहे कोरोना के मरीजों की निगरानी की जिम्मेदारी अब उस क्षेत्र के स्वास्थ्य कल्याण केंद्र के डॉक्टर की होगी। डॉक्टर को अपने क्षेत्र के कोरोना के मरीज से जुड़ी हर जानकारी रखने के साथ लगातार उसके स्वास्थ्य पर नजर भी रखनी होगी। यह आदेश स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने जारी किया है। स्वास्थ्य निदेशक का कहना है कि ऐसी स्थिति में अगर घर पर एकांत में रह रहे किसी मरीज ने किसी भी तरह की शिकायत की या उसकी जांच में कोई अनदेखी सामने आई तो उक्त डॉक्टर की जवाबदेही होगी।
बता दें कि शहर में अलग-अलग क्षेत्रों में 34 स्वास्थ्य कल्याण केंद्र संचालित किए जा रहे है। डॉक्टर कंग ने बताया कि इन केंद्रों के डॉक्टरों को अपने क्षेत्र में घर पर एकांतवास में रह रहे कोरोना के मरीजों की रूटीन में जांच कर उनका रिकॉर्ड मेंटेन करना होगा। इससे प्रतिदिन हेल्प डेस्क को भेजकर उन्हें मरीजों की मौजूदा स्थिति की जानकारी देनी होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर गंभीर मरीजों का रिकॉर्ड मेंटेन कर उनसे 1 दिन में दो से तीन बार फॉलोअप किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती किया जा सके।
गंभीर मरीजों पर ज्यादा ध्यान
घर पर एकांतवास में रह रहे कोरोना के गंभीर मरीजों पर विशेष रूप से ध्यान रखने के लिए डॉक्टरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है क्योंकि कई बार स्वास्थ्यकर्मी और एएनएम को मरीजों की परेशानी समझने में थोड़ा वक्त लग जाता है। ऐसी स्थिति में गंभीर बीमारियों से ग्रस्त कोरोना के पॉजिटिव मरीजों पर विशेष नजर रखते हुए शहर में बढ़ रहे मृत्यु दर को काबू में करने की कोशिश की जाएगी क्योंकि उनकी स्थिति खराब होने पर उन्हें तत्काल इलाज ना मिलना उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है।