चंडीगढ़। कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों पर खतरा मंडराने की आशंका जताई जा रही थी। क्योंकि बच्चे अब तक टीकाकरण की सुरक्षा कवच के घेरे में नहीं आ पाए हैं। मौजूदा समय में संक्रमण की रफ्तार बच्चों में भी तेजी से बढ़ रही है। लेकिन वह बहुत जल्द संक्रमण को हराकर ठीक भी हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के अंदर पाए जाने वाला खास तरह का रिसेप्टर उन्हें सुरक्षा कवच प्रदान कर रहा है। जिसकी बदौलत वह कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के बावजूद ज्यादा प्रभावित नहीं हो रहे। पीजीआई सामुदायिक चिकित्सा विभाग की विशेषज्ञ व कोरोना टीके के ट्रायल की प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉक्टर मधु गुप्ता ने बताया कि बच्चों में रिसेप्टर्स की संख्या का कम होना ही उन्हें संक्रमण की गंभीरता से बचा रहा है।
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ऐसा प्रदान करता है बच्चों को विशेष सुरक्षा कवच
डॉ. मधु ने बताया कि हमारे शरीर में पाए जाने वाला (एसीई2) रिसेप्टर एक एंजाइम (एक तरह का प्रोटीन) है जिससे कोविड-19 वायरस जुड़ जाता है। लेकिन बच्चों में इसकी संख्या कम होती है जिससे उनके फेफड़ों को वायरस उतना नुकसान नहीं पहुंचा पाता। (एसीई2) हमारे शरीर में छोटे छोटे प्रोटीनों को बनाता है, जो कोशिका के काम को नियंत्रित करते हैं। यह कोशिकाओं की बाहरी सतह पर मिलते हैं। सार्स और कोरोना वायरस (एसीई2) से जुड़ता है जिससे कोशिका में वायरस का प्रवेश होता है। (एसीई2) कई तरह की कोशिकाओं और टिश्यूज में पाए जाते हैं। यह फेफड़ों, दिल, रक्त धमनियों, किडनी, लिवर और गैस्ट्रोइंटेस्टिनल ट्रैक्ट में मिलता है। यह एपिथिलियल कोशिकाओं में भी होता है, जो नाक, मुंह और फेफड़ों में होती हैं। फेफड़ों के भीतर यह टाइप2 न्यूमोसाइट्स में ज्यादा होता है। न्यूमोसाइट्स वे कोशिकाएं होती हैं जो एलवियोलाई नाम के चैम्बर्स में मिलती हैं। यहीं पर ऑक्सीजन सोख ली जाती है और कॉर्बन डाई ऑक्साइड निकाली जाती है। इसकी अधिकता खतरनाक होती है। इसलिए बच्चे वयस्कों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित हैं।
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पोषकयुक्त आहार भी बढ़ाएगा प्रतिरोधक क्षमता
बच्चों को पत्तागोभी, फूलगोभी, पालक और बथुआ जैसी पत्तेदार सब्जियां ज्यादा खिलाएं। ये संक्रमण से लड़ने में सहायता करती हैं। इनके साथ ही अदरक, काली मिर्च, शहद, गिलोय का पानी, आंवले का मुरब्बा, हल्दी का दूध, बादाम, सूप, दूध, दही को आहार सूची में शामिल करें। साथ में संतरा, नींबू जैसे खट्टे फल जरूर दें। अभिभावक इस बाद का ध्यान रखें की बच्चे खाने से ऊब न जाएं, इसलिए खाने में बदलाव करते रहें।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- ज्यादा खाना खाने से सेहत नहीं बढ़ती बल्कि पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। इसलिए कम खाना दें, लेकिन जो दें पौष्टिक हो।
- सब्जियों को ज्यादा न पकाएं। इससे महत्वपूर्ण विटामिन की हानि हो सकती है।
- चीनी और नमक बच्चों का कम ही दें।
- ध्यान रहे बच्चों को मसालेदार भोजन न दें।
- ट्रांसफैटी एसिड युक्त खाद्य पदार्थ जैसे तले हुए खाद्य पदार्थ, पिज्जा, बर्गर, चाउमीन सहित सभी फास्ट फूड देने से परहेज करें।
नोट- ये जानकारी जीएमएसएच 16 की आहार विशेषज्ञ मनीषा अरोड़ा ने दी।