दो दिनों से हो रही बारिश ने एग्रीकल्चर समिट की तैयारियों पर पानी फेर दिया। ऐन मौके पर सरकार को समिट के उद्घाटन समागम का वेन्यू बदलना पड़ा। अब किसान सम्मेलन सेक्टर-65ए स्थित वर्ल्ड क्लास एसी फल एवं सब्जी मंडी में होगा। समिट के टेक्निकल सेशन एवं प्रदर्शनी जैसे कार्यक्रम चप्पड़चिड़ी में ही होंगे। यह फैसला शनिवार दोपहर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा चप्पड़चिड़ी में हालात का जायजा लेने के बाद लिया गया।
वीरवार रात से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। बारिश ने आला अधिकारियों की नींद उड़ा रखी है। फिर भी शुक्रवार को पूरे दिन विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं मुलाजिम डैमेज कंट्रोल में जुटे रहे। शाम सात बजे तक स्थिति नियंत्रण में थी। इस दौरान मुख्य समागम के पंडाल का सिटिंग अरेजमेंट फाइनल कर दिया।
लेकिन रात साढ़े नौ बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश इतनी तेज थी कि वाटर प्रूफ टेंट के पर्दे तक फट गए। साथ ही सारे पंडाल में पानी भर गया। पानी भरने के कारण कुर्सियां भी अव्यस्थित हो गईं। पंडाल में दलदल की स्थिति बन गई। अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए।
शनिवार सुबह से विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं मुलाजिम स्थिति को सुधारने में जुटे गए। दोपहर पौने दो बजे सीएम प्रकाश सिंह बादल जायजा लेने के लिए आयोजन स्थल पर पहुंचे। फाइनेंशियल कमिश्नर डेवलपमेंट सुरेश कुमार ने उन्हें बताया कि यहां भट्ठों की राख, रेत आदि डाल कर दोबारा इंतजाम किया जा सकता है, परंतु उसे सूखने के लिए वक्त चाहिए।
मुख्यमंत्री ने पूछा कि सबकी क्या सलाह है, तो सुरेश कुमार ने बताया कि सभी की राय ले ली गई है, यहां समागम कराना ठीक नहीं है। नई फल एवं सब्जी मंडी में समागम ठीक रहेगा, परंतु वहां ज्यादा से ज्यादा दस हजार लोग ही बैठ सकते हैं। इसके बाद सीएम मंडी पहुंचे। इसके बाद मंडी में समागम कराने का फैसला लिया गया।
हालात सुधारने की भी तैयारी
सुबह पंडाल का हाल देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए। एक तरफ वैकल्पिक इंतजाम के बारे में विचार शुरू हुआ, तो दूसरी तरफ यहां के हालात सुधारने की भी तैयारी कर ली गई थी। सीएम को दो बजे आना था, फैसला उसके बाद ही लिया जाना था। अधिकारी इस बात के लिए भी तैयार थे कि अगर सीएम ने कहा कि समागम यहीं कराना है, तो क्या किया जाएगा। इसके लिए भट्ठे की रेत के आठ ट्रक, रेत के ट्रक और पानी सोंखने के लिए पंप मौके पर मंगा लिए गए थे।
चप्पड़चिडी की पार्किंग ने लिया दलदल का रूप
चप्पड़चिडी में बाहर से आने वाले लोगों के लिए जो पार्किंग बनाई गई हैं, बारिश से उनकी स्थिति भी काफी खराब हो गई है। सारी पार्किंग में पानी भर गया है। कुछ जगह दललद की स्थिति बनी हुई है। पूरे दिन निगम की मशीनें पानी को सौखने में लगी रहीं, परंतु कोई विशेष सफलता नहीं मिली सकी।