सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल किसी न किसी काम का बहाना बना कर निर्धारित समय से पहले ही स्कूल छोड़ देते हैं। जिससे अनुशासनहीनता की स्थिति पैदा हो जाती है। शिक्षा विभाग तक भी इस संबंध में काफी शिकायतें पहुंची। इसके बाद सभी स्कूल हेड को समय से पहले स्कूल न छोड़ने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल हेड को सख्त हिदायत जारी की गई है। जिसमें कहा गया है कि विभाग की जानकारी में आया है कि बहुत से स्कूल हेड किसी न किसी वजह का हवाला देकर समय से पहले स्कूल छोड़ देते हैं।
समर्थ अथॉरिटी से इजाजत भी नहीं लेते हैं। दूरदराज के स्कूलों में यह समस्या ज्यादा है। वहां के प्रिंसिपल अक्सर ही स्कूल से गायब रहते हैं। कोई न कोई बहाना बना कर स्कूल से बाहर रह कर ऑन ड्यूटी रहते हैं। विभाग को इस संबंध में काफी शिकायतें मिली हैं। सभी स्कूल हेड को हिदायत दी गई है कि छोटी सी बात के लिए भी वे स्कूल नहीं छोड़ेंगे। शिक्षा सचिव ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं।
वे स्कूल टाइम के दौरान प्रिंसिपल, हेड मास्टर और इंचार्जों की मीटिंग नहीं बुलाएंगे। अगर कोई मीटिंग करनी जरूरी है तो वह दोपहर को बुलाई जाएगी। ताकि स्कूल टाइम में प्रिंसिपल की वहां उपस्थिति यकीनी बनाई जा सके। इसके बाद भी अगर लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा सचिव आज लेंगे फीडबैक
शिक्षा सचिव गुरूवार को सभी स्कूल प्रिंसिपल के साथ बैठक लेकर फीडबैक लेंगे। वह एजुसेट के जरिए दोपहर 12.40 से 2 बजे तक प्रिंसिपल के साथ बैठक करेंगे। जिसमें प्रमुख तौर पर समय से पहले स्कूल छोड़ना, कई स्कूलों में अब तक किताबें न पहुंचना, टीचरों द्वारा निजी प्रकाशकों की गाइड से पढ़ाना समेत कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। अगर किसी स्कूल में एजुसेट की सुविधा नहीं है तो प्रिंसिपल नजदीकी स्कूल में जाएंगे।