चंडीगढ़। सेक्टर 18 के टैगेर थिएटर के मिनी ऑडिटोरियम में रविवार को नाटक कोर्ट मार्शल नहीं का मंचन हुआ। परंपरा आर्ट्स के कलाकारों ने अभिनय किया। नाटक का लेखन विवेक असरी ने किया है जबकि निर्देशन नितिन शर्मा ने किया है। परंपरा आर्ट्स की ओर से पांच दिवसीय सातवां थिएटर फेस्टिवल रंग परंपरा 2025 के तहत तीसरे दिन नाटक कोर्ट मार्शल नहीं का मंचन। यह नाटक सत्यमेव जयते को सार्थक सिद्ध करता है।
यह नाटक में कश्मीर में एक मुठभेड़ में मारे गए एक सेना अधिकारी की कहानी है। कहानी एक जिज्ञासु और ईमानदार युवा सेना अधिकारी अभिमन्यु के इर्द गिर्द घूमती है। वह इस अधिकारी की मृत्यु का वास्तविक कारण जानने और निरीक्षण करने के लिए उत्सुक है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, यह पता चलता है कि अधिकारी एक फर्जी मुठभेड़ में मारा गया है। इससे मुठभेड़ के पीछे के कई काले रहस्य उजागर होते है।
साथ ही नाटक इस बात पर भी प्रकाश डालता है कि किस तरह बड़ी चालाकी और चतुर प्रणाली से किसी संस्था में गलत काम और भ्रष्टाचार किया जाता है। यह नाटक भ्रष्टाचार और झूठे आख्यानों जैसे बहुत ही महत्वपूर्ण और गंभीर सामाजिक मुद्दों पर भी केंद्रित है। समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार के साथ साथ सेना जैसे बड़े संस्थान में भी भ्रष्ट तंत्र कैसे काम कर रहा है, इस पर प्रकाश डालता है।
कहानी के अंत में ईमानदार अफसर अभिमन्यु भ्रष्टाचार को खत्म करने का प्रण लेता है। दोषियों को सजा दिलवाकर मुण्डक उपनिषद में दिए श्लोक सत्यमेव जयते को सार्थक सिद्ध करता है। नाटक में वरुण शर्मा, रोहित शर्मा, सौरव रावत, अनुज चहल, नवदीप सहोता, मलिक रेहान, चिरायु भारद्वाज, और गौरव वत्स ने अभिनय किया।