एक्सपर्ट की राय
ट्रैफिक एक्सपर्ट राहुल वर्मा का कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से भी यह हाईवे काफी अहम है। आपातकाल में यहां से सीमा के लिए सेना की मूवमेंट फास्ट होगी। इसके अलावा धार्मिक ट्यूरिज्म भी बढ़ेगा। पंजाब के संगरूर, मालेरकोटला, कपूरथला, गुरदासपुर जैसे जिलों में विकास को गति मिलेगी और इससे सूबे की अर्थव्यवस्था भी बेहतर होगी, क्योंकि वस्तुओं की मूवमेंट भी तेज होगी।
58 किमी कम हो जाएगी दूरी
699 किमी लंबे दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण रिवाइज्ड राशि 40 हजार करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इसके बनने के बाद दिल्ली से अमृतसर चार घंटे में और कटड़ा से दिल्ली छह घंटे में पहुंचा जा सकेगा। फिलहाल दिल्ली और कटड़ा के बीच की दूरी 727 किमी है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से यह दूरी 58 किमी कम हो जाएगी। यह हाईवे दिल्ली के साथ गोइंदवाल, तरनतारन के साथ जुड़ेगा। दूसरी ओर अमृतसर से नकोदर के साथ जुड़ेगा।
ये परियोजनाएं हो रहीं प्रभावित
- दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेस-वे पैकेज-9 की रिवाइज्ड डेडलाइन अब 1 अगस्त, 2025 तय की गई है, क्योंकि 2,337.33 करोड़ रुपये से बन रहे इस परियोजना का सिर्फ 56.84 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है।
- 36.94 किलोमीटर के 1,711.03 रुपये के पैकेज-7 परियोजना के लिए रिवाइज्ड डेडलाइन 30 नवंबर, 2024 तय की गई है, क्योंकि इसका 88.44 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है।
- 2,260.67 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 39.5 किलोमीटर पैकेज-10 की बात की जाए तो इसका 57.75 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है।
- अमृतसर कनेक्टिविटी के लिए 2,165.23 करोड़ रुपये में बन रहे 16.9 किलोमीटर स्पर-1 के लिए रिवाइज्ड डेडलाइन 16 अप्रैल, 2026 निर्धारित की गई है।
- 1,734.18 करोड़ की लागत वाले 35.28 किलोमीटर लंबे पैकेज-12 को अब 31 दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।
- 44.96 किलोमीटर अबोहर-फाजिल्का एनएच-7 के लिए नई डेडलाइन 13 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है।