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Chandigarh News: तीन दिन से हड्डी का डॉक्टर छुट्टी पर, ईएनटी व आंख विभाग पहले से बंद

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मनीमाजरा सिविल अस्पताल में इलाज ठप, मरीज दर्द के साथ बिना इलाज के घर लौटने को मजबूर
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माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। इलाज की उम्मीद लेकर मनीमाजरा सिविल अस्पताल पहुंच रहे मरीजों की उम्मीदें इन दिनों टूटती नजर आ रही हैं। अस्पताल में पहले ही ईएनटी और आंख (आई) विभाग का इलाज लंबे समय से बंद है। वहीं अब हड्डी रोग विशेषज्ञ के तीन दिन से छुट्टी पर होने से हड्डी के मरीज भी परेशान होकर लौट रहे हैं। वीरवार को भी कई मरीज दर्द के साथ बिना इलाज के घर लौटने को मजबूर हुए।
सुबह से लाइन में लगे मरीज पर्ची कटवाकर जब डॉक्टर के कमरे तक पहुंचे, तो कहीं ताला लटका मिला तो कहीं जवाब मिला-डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं। मरीजों का कहना है कि डॉक्टरों की गैरमौजूदगी की कोई पूर्व सूचना नहीं दी जाती, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। हड्डी दर्द, फ्रैक्चर, कमर और घुटनों की समस्या लेकर आए मरीजों को या तो खाली हाथ लौटना पड़ रहा है या मजबूरी में महंगे निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
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लोगों के अनुसार मनीमाजरा सिविल अस्पताल में ईएनटी और आंख विभाग काफी समय से बंद पड़े हैं। अब हड्डी रोग विशेषज्ञ की अनुपस्थिति ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। मरीज सवाल उठा रहे हैं कि जब एक-एक कर विभाग ही बंद होते जाएंगे, तो सिविल अस्पताल का औचित्य क्या रह जाएगा।
सबसे ज्यादा मार बुजुर्गों और मजदूर वर्ग के मरीजों पर पड़ रही है। बुजुर्गों को चलने-फिरने में परेशानी के बावजूद बार-बार अस्पताल आना पड़ रहा है, जबकि दिहाड़ी मजदूर काम छोड़कर इलाज के लिए आते हैं और डॉक्टर न मिलने पर उन्हें दोहरी परेशानी झेलनी पड़ती है।
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मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल गरीब और मध्यम वर्ग को सस्ता और सुलभ इलाज देने के लिए बनाए जाते हैं। अगर यहां भी डॉक्टर नहीं मिलेंगे, तो आम आदमी आखिर जाए तो जाए कहां।
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