-कांग्रेस, शिअद और भाजपा ने प्रदेश में सुरक्षा पर उठाए सवाल
-
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में हत्याओं और बढ़ते गैंगस्टरवाद के मामलों को लेकर सियासी विरोधियों ने आम आदमी पार्टी की सरकार को निशाने पर लिया है। नेताओं ने पंजाब की बिगड़ी कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर टिप्पणियां की हैं। विपक्ष का कहना है कि राज्य में अपराधियों की बढ़ती हिम्मत और पुलिस की निष्क्रियता के चलते आम लोग भय में हैं। सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि प्रदेश में कानून और व्यवस्था कैसे सुनिश्चित होगी। सियासी पार्टियों ने जोर देकर कहा कि मौजूदा हालात में पंजाब के लोगों को भय मुक्त माहौल देने की जिम्मेदारी सरकार पर है।
पंजाब में पुलिस का अस्तित्व खत्म : वड़िंग पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि पंजाब के लोगों ने सरकार और पुलिस से पूरी उम्मीद खो दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं बचा। अमृतसर में एक विवाह समारोह में एक सरपंच की सरेआम हत्या का जिक्र करते हुए वड़िंग ने कहा कि हत्यारों ने बिना चेहरा ढके खुलेआम वारदात अंजाम दी। अपराधी अब गर्व के साथ हत्याओं की जिम्मेदारी ले रहे हैं क्योंकि पुलिस ने उन्हें मैदान छोड़ दिया है।
पंजाब में अपराधी बेखौफ : अश्वनी शर्मा
पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कहा कि वल्टोहा संधुआं में सरपंच की गोली मारकर हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह खत्म हो गया है और राज्य में सामान्य नागरिक भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि पंजाब के लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
नए साल में पंजाब की चिंताजनक शुरुआत : सुखबीर बादल
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने प्रदेश में आपराधिक गतिविधियों को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने घटनाओं का ब्योरा देते हुए कहा कि 2 जनवरी को कपूरथला में महिला को घर पर गोली मारी गई। 3 जनवरी को भिंडर कलां (मोगा) में व्यक्ति की हत्या हुई। 4 जनवरी को अमृतसर में शादी समारोह में सरपंच की हत्या की गई। 5 जनवरी को जगराओं के मानुके गांव में कबड्डी खिलाड़ी गगनदीप की हत्या हो गई। बादल ने कहा कि यह घटनाएं गैंगस्टरों की बढ़ती हिम्मत और कानून-व्यवस्था के गंभीर संकट को उजागर करती हैं।