-साइकिल उद्योग को योजना में शामिल नहीं किया गया, उद्यमियों ने सरकार से समान अवसर की गुहार लगाई
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राजीव शर्मा
लुधियाना। केंद्र सरकार की ओर से घोषित 5,181 करोड़ रुपये के निर्यात ब्याज सब्सिडी पैकेज में साइकिल और साइकिल पार्ट्स उद्योग को बाहर रखा गया है। यह निर्णय पंजाब के उद्यमियों के लिए निराशाजनक साबित हुआ है। योजना का उद्देश्य एमएसएमई निर्यातकों को प्री-शिपमेंट और पोस्ट-शिपमेंट क्रेडिट पर 2.75 प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी प्रदान करना है, जिससे वित्तीय बोझ कम हो और निर्यात को बढ़ावा मिले। एक फर्म को इस योजना के तहत सालाना अधिकतम 50 लाख रुपये तक का लाभ मिल सकता है।
डीजीएफटी के अनुसार, ब्याज सब्सिडी केवल नोटिफाइड पॉजिटिव लिस्ट में शामिल उत्पादों के निर्यात पर ही लागू होगी। इसमें डिफेंस, विशेष रसायन, उपकरण और तकनीक शामिल हैं, लेकिन साइकिल एवं इसके पुर्ज़े इस सूची में जगह नहीं बना पाए। यह पैकेज 25,060 करोड़ रुपये के निर्यात प्रोत्साहन मिशन का दूसरा चरण है। पहला चरण 4,531 करोड़ रुपये की बाजार पहुंच सहायता के रूप में पहले ही लागू हो चुका है।
साइकिल उद्योग ने वित्त वर्ष 2024-25 में 3,479.4 करोड़ रुपये का निर्यात किया और अपने उत्पाद दुनिया के 150 से अधिक देशों में पहुंचा दिए। उद्योग से जुड़े कारोबारी मानते हैं कि यदि साइकिल सेक्टर को भी ब्याज सब्सिडी मिले, तो वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती आएगी। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि साइकिल सेक्टर को सब्सिडी योजना में शामिल करना न केवल पंजाब की अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक है, बल्कि यह भारत के वैश्विक निर्यात पर भी सकारात्मक असर डालेगा।
साइकिल उद्योग निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा: लक्की
यूनाइटेड साइकिल एंड पार्ट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रधान हरसिमरजीत सिंह लक्की ने कहा कि साइकिल उद्योग निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है और इसे सब्सिडी से लाभान्वित करने से निर्यात और रोजगार बढ़ सकते हैं। फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल ऑर्गेनाइजेशन के चेयरमैन केके सेठ ने सरकार से मांग की कि साइकिल उद्योग को लेवल प्लेइंग फील्ड प्रदान किया जाए, ताकि यह वैश्विक बाजार में मजबूती से प्रतिस्पर्धा कर सके।
150 से ज्यादा देशों में निर्यात
-योजना: 5,181 करोड़ रुपये का निर्यात ब्याज सब्सिडी पैकेज (2025-31)
-लाभ: प्री- और पोस्ट-शिपमेंट क्रेडिट पर 2.75% ब्याज सब्सिडी
-वित्त वर्ष 2024-25 में साइकिल निर्यात: 3,479.4 करोड़ रुपये, 150 से ज्यादा देशों में